HomeHindi NewsDelhi News'इंडिया एआई समिट 2026' में कुप्रबंधन, भड़की कांग्रेस, बताया "शर्मनाक"

‘इंडिया एआई समिट 2026’ में कुप्रबंधन, भड़की कांग्रेस, बताया “शर्मनाक”

नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई समिट 2026’ को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने सोशल मीडिया के माध्यम से समिट के आयोजन और कुप्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के कारण इवेंट में मौजूद स्टार्टअप फाउंडर्स और एग्जिबिटर्स को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस के गंभीर आरोप

कांग्रेस ने आधिकारिक फेसबुक पेज पर साझा किया कि समिट में “भयानक कुप्रबंधन” रहा, जिससे देश की छवि वैश्विक स्तर पर प्रभावित हुई है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • एग्जिबिटर्स को बेदखल करना: आरोप है कि प्रधानमंत्री के आगमन के लिए मुख्य हॉल खाली करा दिया गया और उन एग्जिबिटर्स को उनके पेड स्टॉल्स से हटा दिया गया जिन्होंने वहां प्रदर्शन के लिए मोटी रकम चुकाई थी।
  • सुरक्षा और चोरी: समिट में सुरक्षा व्यवस्था में चूक (Security Lapse) की शिकायतें आईं, जिसमें कई स्टार्टअप्स के कीमती प्रोडक्ट्स चोरी होने की बात कही गई है।
  • तकनीकी विफलता: टेक और एआई समिट होने के बावजूद वेन्यू पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की भारी समस्या रही, जिससे कई फाउंडर्स अपने एआई मॉडल्स का डेमो नहीं दिखा पाए।
  • अजीबोगरीब पाबंदियां: टेक इवेंट में लैपटॉप, कैमरा और बैग जैसी जरूरी चीजों पर प्रतिबंध लगाया गया था। साथ ही, प्रवेश के लिए डेलीगेट्स को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ा।
  • पेमेंट और खान-पान: कांग्रेस का दावा है कि समिट में डिजिटल इंडिया के दौर में केवल कैश (Cash) पेमेंट ही स्वीकार किया जा रहा था, जिससे कई प्रतिभागी भोजन तक नहीं खरीद पाए।

विवाद का केंद्र: ‘छवि बनाम व्यवस्था’

विपक्ष का कहना है कि यह सब इसलिए हुआ क्योंकि प्रधानमंत्री वहां “रील बनवाने और फोटो खिंचवाने” पहुंचे थे। कांग्रेस ने इसे “शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि सरकार को केवल अपनी छवि चमकाने से मतलब है, भले ही इसके लिए विश्व स्तर पर देश की साख दांव पर लग जाए।

समिट का दूसरा पक्ष

हालांकि, इसी समिट में सरकार ने 200 अरब डॉलर के निवेश और ‘एआई का यूपीआई’ बनाने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की घोषणा की है। सरकार की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर कई फाउंडर्स ने इन असुविधाओं के वीडियो साझा कर अपना गुस्सा जाहिर किया है।

इंडिया एआई समिट 2026 एक तरफ जहां भविष्य की तकनीक का केंद्र बना, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक दावों की पोल खुलने के आरोपों से भी घिरा रहा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments