आगामी त्योहारी सीजन से पहले देश में चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने और कृत्रिम किल्लत (सट्टेबाजी व जमाखोरी) को रोकने के लिए केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदमों के बाद चीनी के ‘एक्स-मिल’ (कारखाने के) दामों में लगभग 20% की गिरावट आई है।इसके साथ ही, बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 1 सितंबर 2026 से नया नियम (पाक्षिक कोटा प्रणाली) लागू करने का निर्णय लिया है।
1 सितंबर से क्या बदलेगा? (नया कोटा नियम)
अब तक सरकार चीनी मिलों के लिए मासिक बिक्री कोटा (Monthly Sale Quotas) तय करती थी, लेकिन 1 सितंबर 2026 से इसे बदलकर 15-दिवसीय (पाक्षिक) बिक्री कोटा प्रणाली कर दिया जाएगा। नए नियम के तहत चीनी मिलों को अपने आवंटित कोटे की कम से कम 40% चीनी पहले सप्ताह में और बाकी बचा हिस्सा दूसरे सप्ताह में बेचना अनिवार्य होगा। मिलों द्वारा बेचे जाने के बाद खरीदारों को 7 दिनों के भीतर चीनी का उठान (डिस्पैच) करना होगा, जिससे डिपो या मिलों में बेवजह स्टॉक जमा न रहे। इस व्यवस्था से सरकार बाजार की मांग और आपूर्ति पर 15-15 दिनों में पैनी नजर रख सकेगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कोटा जारी कर सकेगी।
क्यों गिर रहे हैं चीनी के दाम?
देशभर की चीनी मिलों में सरकार द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में पाया गया कि कई मिलें घोषित आंकड़ों से अधिक स्टॉक दबाकर बैठी थीं और कृत्रिम किल्लत पैदा कर रही थीं। इसके बाद सरकार ने कड़े कदम उठाए: 10 मीट्रिक टन से अधिक खपत वाले थोक/व्यावसायिक खरीदारों (मिठाई निर्माताओं, सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियों आदि) के लिए 15 दिन की खपत से अधिक स्टॉक रखने पर रोक लगा दी गई है (यह 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा)। 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शून्य-शुल्क (Duty-Free) आयात को मंजूरी दी गई है। इन सख्त कदमों से सट्टेबाजी पर लगाम लगी है, जिससे एक्स-मिल कीमतें जो ₹67/किग्रा तक पहुंच गई थीं, उनमें 20% तक की नरमी आई है।
उपभोक्ताओं को राहत और आने वाला सीजन
खाद्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में चीनी की कोई वास्तविक कमी नहीं है और घरेलू खपत (लगभग 285 लाख टन) के मुकाबले पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अक्टूबर के मध्य से नए पेराई सत्र की शुरुआत के साथ ही बाजार में नई चीनी की भारी आवक होगी। सरकार का मानना है कि एक्स-मिल और थोक कीमतों में आई इस गिरावट का सीधा फायदा जल्द ही खुदरा बाजारों में आम उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिससे त्योहारी सीजन में मिठास बनी रहेगी।
हालिया दरें और मूल्य बदलाव (Rates & Price Trends)
| बाजार का स्तर / प्रमुख शहर | शिखर मूल्य (Peak Rate) | वर्तमान दरें (Current Rate) | गिरावट/बदलाव (Change) |
| एक्स-मिल रेट (Ex-Mill Price) | ₹67 / किग्रा | ₹55 / किग्रा | ~18% से 20% तक की गिरावट |
| थोक भाव (Wholesale Rate) | ₹6,600 / क्विंटल | ₹5,950 – ₹6,050 / क्विंटल | ₹550 – ₹650 / क्विंटल सस्ता |
| दिल्ली (खुदरा – Retail) | ₹68 / किग्रा | ₹63 – ₹65 / किग्रा | ₹3 – ₹5 / किग्रा की राहत |
| मुंबई (खुदरा – Retail) | ₹68 / किग्रा | ₹62 – ₹65 / किग्रा | ₹3 – ₹6 / किग्रा की राहत |
| कानपुर (खुदरा – Retail) | ₹69 / किग्रा | ₹63 – ₹66 / किग्रा | ₹3 – ₹6 / किग्रा की राहत |
| गुवाहाटी (खुदरा – Retail) | ₹71 / किग्रा | ₹64 – ₹67 / किग्रा | ₹4 – ₹7 / किग्रा की राहत |
| चेन्नई / हैदराबाद (खुदरा) | ₹70 / किग्रा | ₹63 – ₹67 / किग्रा | ₹3 – ₹7 / किग्रा की राहत |


