पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हुआ। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पदभार संभालते ही अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए। इन फैसलों को राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार की नीतियों को पलटने और केंद्र के साथ समन्वय बढ़ाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
आयुष्मान भारत योजना लागू करने की मंजूरी
शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनते ही सबसे बड़ा फैसला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत’ योजना को राज्य में लागू करने का लिया।
- परिवर्तन: पिछली टीएमसी सरकार ने इस योजना के स्थान पर ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना लागू की थी।
- लाभ: अब पश्चिम बंगाल के करोड़ों लोग देश भर के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकेंगे।
सीमा सुरक्षा के लिए BSF को जमीन का आवंटन
राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए नई सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और सीमा चौकियों (BOPs) के निर्माण के लिए आवश्यक जमीन देने का निर्णय लिया है।
- महत्व: यह फैसला सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और तस्करी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले कुछ वर्षों में भूमि अधिग्रहण के मुद्दों के कारण ये परियोजनाएं अटकी हुई थीं।
किसानों के लिए ‘पीएम किसान सम्मान निधि’
कैबिनेट ने राज्य के सभी पात्र किसानों को ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ का पूरा लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया है। इसके तहत किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता मिलेगी।
प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार पर लगाम
मुख्यमंत्री ने शपथ लेने के बाद अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
- नियुक्ति घोटाले: पिछली सरकार के दौरान हुए कथित भर्ती घोटालों की जांच में तेजी लाने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक विशेष समिति के गठन का संकेत दिया गया है।
- कानून व्यवस्था: राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा की घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन को बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र-राज्य संबंधों में नया मोड़
इन फैसलों से यह साफ है कि नई सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकारी संघवाद’ (Cooperative Federalism) के विजन पर काम करना चाहती है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पश्चिम बंगाल को केंद्र की मुख्यधारा से जोड़ना और राज्य का तेजी से विकास करना है।
शुभेंदु अधिकारी के पहले दिन के ये फैसले दर्शाते हैं कि वे ‘डबल इंजन’ सरकार के वादे को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। स्वास्थ्य, सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में लिए गए ये निर्णय बंगाल की राजनीति और आम जनता के जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं।


