देशभर में मानसून (Monsoon) पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट (Rain Alert) जारी किया है। लगातार हो रही इस बारिश से जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ कुछ निचले इलाकों में जलभराव का संकट भी शुरू हो गया है।
उत्तर भारत में मानसून की दस्तक और राहत
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में मानसून की तेज मानसूनी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
- दिल्ली-एनसीआर: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में आसमान में काले बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों तक दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
- उत्तर प्रदेश और बिहार: यूपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के साथ-साथ बिहार के अधिकांश जिलों में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के कई जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों को खराब मौसम में खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है।
इन राज्यों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट
IMD ने देश के पश्चिमी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए विशेष चेतावनी जारी की है:
- कोंकण और गोवा: महाराष्ट्र के तटीय इलाकों और गोवा में मानसून सबसे ज्यादा आक्रामक नजर आ रहा है। मुंबई और आस-पास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
- असम और पूर्वोत्तर राज्य: पूर्वोत्तर के राज्यों, विशेषकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग ने यहां ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए बाढ़ जैसी स्थिति के प्रति सचेत किया है।
- दक्षिण और मध्य भारत: केरल, कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के भी कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है।
मौसम विभाग की सलाह
मछुआरों को अगले 48 घंटों तक समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश) में यात्रा करने वाले पर्यटकों को भूस्खलन (Landslide) के खतरों को देखते हुए अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा गया है।
मानसून की इस रफ्तार से जहां किसानों के चेहरे खिल गए हैं और खरीफ की फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है, वहीं शहरी इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए स्थानीय निकायों ने कमर कस ली है। आगामी एक सप्ताह तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून का यही रूप बने रहने का अनुमान है।


