महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को मुंबई में नीट (NEET) परीक्षा घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आयोजित ‘विजय मार्च’ में हिस्सा लिया। शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे भी साथ रहे। इस दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए उनकी ऐतिहासिक सफलता की सराहना की और इसे युवा शक्ति की बड़ी जीत करार दिया। राज ठाकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों की इस एकजुटता और सफलता ने यह साबित कर दिया है कि आज की युवा पीढ़ी, जिसे ‘जेन-जी’ कहा जाता है, न केवल जागरूक है, बल्कि वह सरकार की गलत नीतियों को चुनौती देने और उसे झुकने पर मजबूर करने की क्षमता भी रखती है।
युवाओं की एकजुटता ने रचा इतिहास
मुंबई की सड़कों पर हजारों छात्रों और अभिभावकों की उपस्थिति के बीच राज ठाकरे ने कहा, “आज मैं यहां एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक चिंतित नागरिक और एक पिता के रूप में खड़ा हूं। नीट परीक्षा में जो धांधली हुई, उसने हमारे देश के भविष्य, हमारे युवाओं के सपनों को चकनाचूर करने का प्रयास किया था। लेकिन आप सभी ने जिस साहस और एकजुटता का परिचय दिया, वह अभूतपूर्व है। आपके संघर्ष ने साबित कर दिया कि जब युवा शक्ति एक साथ आती है, तो बड़े से बड़े सिस्टम को भी सही रास्ते पर लाया जा सकता है।”
उन्होंने छात्रों के आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं था, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई थी। “सरकार ने आपके आंदोलन को दबाने की कोशिश की, आपको गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन आप डटे रहे। आपकी इसी अदम्य इच्छाशक्ति ने सरकार को सुप्रीम कोर्ट तक जाने और नीट परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का फैसला लेने पर मजबूर किया। यह आपकी सबसे बड़ी जीत है,” राज ठाकरे ने जोर देकर कहा।
सरकार को खुली चुनौती और चेतावनी
अपने संबोधन में राज ठाकरे ने केंद्र और राज्य सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। नीट घोटाले से साबित होता है कि सरकारी मशीनरी कितनी खोखली हो चुकी है। क्या शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए था? लेकिन वे सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।” उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “युवाओं को कम आंकने की गलती न करें। यह ‘जेन-जी’ पीढ़ी है, जो सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक अपनी आवाज उठाना जानती है। अगर सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, तो यही युवा शक्ति आपको सत्ता से बेदखल करने में संकोच नहीं करेगी।”
राज ठाकरे ने छात्रों को आश्वासन दिया कि एमएनएस हमेशा उनके साथ खड़ी है। “हम देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। हमारी लड़ाई केवल नीट परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पारदर्शी और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की स्थापना तक जारी रहेगी।”
NEET परीक्षा विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आयोजित ‘विजय मार्च’ और जनसभा के दौरान नेताओं के तीखे बयान सामने आए हैं। इस क्रम में शिवसेना (यूबीटी) के नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं के एकजुट होकर आवाज उठाने से सत्ता का अहंकार टूटा है।
आदित्य ठाकरे का बयान और केंद्र पर निशाना
सभा में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, “देश के युवाओं ने दिखा दिया है कि जब वे एकजुट होते हैं, तो एक तानाशाह और उसकी तानाशाही को हिलाकर रख सकते हैं। यह युवाओं की वास्तविक ताकत है और यही हमारा ‘नया भारत’ है। जो लोग खुद को अजेय समझते थे, आज उन्हें अपनी नीतियों और फैसलों पर पीछे हटना पड़ रहा है।”
उन्होंने आगे चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार में शीर्ष पदों के दावों का दौर अब बदल रहा है और मंत्री पद से शीर्ष नेतृत्व तक की राजनीति का सफर बहुत छोटा रह गया है।
जन-असंतोष और केंद्रीय मंत्रियों के रुख पर घेराव
आदित्य ठाकरे ने अन्य केंद्रीय मंत्रियों के हालिया बयानों और फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की जनता अब किसी भी दबाव को सहने के मूड में नहीं है:
- नितिन गडकरी: इथेनॉल के अनिवार्य उपयोग और इसे थोपने के तरीकों को लेकर जनता में भारी नाराजगी है।
- निर्मला सीतारमण: वित्त मंत्री के हालिया बयानों से आम नागरिक, छात्र और मध्यम वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है।


