कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद की गई राजनीतिक सक्रियता दिखाई है। राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से फोन पर बात कर चुनावी नतीजों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की है।
विपक्षी गठबंधन और रणनीतिक चर्चा
नतीजों के बाद राहुल गांधी का ममता बनर्जी और स्टालिन को फोन करना ‘इंडिया’ (I.N.D.I.A.) गठबंधन की एकजुटता को दर्शाने का प्रयास माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में डीएके के खराब प्रदर्शन के बाद, राहुल गांधी ने दोनों क्षेत्रीय दिग्गजों से जमीनी समीकरणों को समझने की कोशिश की। चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि कैसे क्षेत्रीय ताकतें और कांग्रेस मिलकर आने वाले समय में केंद्र की राजनीति को प्रभावित कर सकती हैं।
विजय (TVK) के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
इस खबर का एक सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण हिस्सा दक्षिण के सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रदर्शन पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया है। तमिलनाडु की राजनीति में पहली बार चुनावी मैदान में उतरी विजय की पार्टी ने अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज कराई है। राहुल गांधी ने विजय को उनके साहसी प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
केरल और तमिलनाडु का संदर्भ
केरल में यूडीएफ (UDF) के प्रदर्शन और तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिरता पर भी बातचीत हुई। राहुल गांधी ने स्टालिन के साथ बातचीत में द्रविड़ राजनीति के प्रभाव और भाजपा को दक्षिण से दूर रखने की साझा रणनीति पर जोर दिया।
राहुल गांधी की यह सक्रियता दिखाती है कि वे अब गठबंधन के साथियों को साथ लेकर चलने के साथ-साथ नए और छोटे दलों के उभार को भी गंभीरता से ले रहे हैं। विपक्षी खेमे में यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश है कि हार या जीत के बावजूद गठबंधन की आंतरिक बातचीत जारी रहनी चाहिए। विजय जैसे युवा नेतृत्व को सराहा जाना तमिलनाडु के आगामी राजनीतिक परिदृश्य को और भी रोचक बना देता है।
4 मई 2026 को आए विधानसभा चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति में बड़े उलटफेर किए हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो गई है।
1. पश्चिम बंगाल: बीजेपी का ‘ऐतिहासिक दोहरा शतक’
बंगाल में इस बार सत्ता परिवर्तन की लहर चली है। शुरुआती रुझानों और परिणामों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 200 सीटों का आंकड़ा छू लिया है, जो 148 के बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है।
- परिणाम: बीजेपी गठबंधन को प्रचंड बहुमत।
- TMC: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी पिछड़ गई है (करीब 87 सीटें)। हालांकि, ममता बनर्जी खुद भवानीपुर से आगे चल रही हैं, लेकिन नंदीग्राम में मुकाबला कड़ा है।
- मुख्य बिंदु: 15 साल बाद तृणमूल कांग्रेस के हाथ से सत्ता खिसकती दिख रही है।
2. तमिलनाडु: विजय की ‘TVK’ का जबरदस्त धमाका
तमिलनाडु में सबसे बड़ा उलटफेर सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने किया है। वह राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
- TVK: 106 सीटों के साथ सबसे आगे (बहुमत के करीब)। अभिनेता विजय ने अपनी दोनों सीटों (पेरंबूर और तिरुचि ईस्ट) पर बढ़त बनाई हुई है।
- DMK+: सत्तारूढ़ गठबंधन को भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को कोलाथुर सीट पर पूर्व डीएमके विधायक (अब TVK) वी.एस. बाबू से कड़ी चुनौती मिल रही है।
- AIADMK+: करीब 60 सीटों पर बढ़त के साथ तीसरे स्थान पर।
3. केरल: ‘यूडीएफ’ की सत्ता में वापसी
केरल में हर पांच साल में सरकार बदलने का रिवाज (Anti-Incumbency) फिर लौट आया है।
- UDF (कांग्रेस गठबंधन): करीब 98-100 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत की ओर। कांग्रेस अकेले 60 के करीब सीटें जीतती दिख रही है।
- LDF (वामपंथी गठबंधन): मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाले गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। उनके कैबिनेट के 13 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है।
- BJP: केरल में बीजेपी ने इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 3 सीटें (नेमोम, कझाकुट्टम और चथन्नूर) जीत ली हैं।
4. असम: बीजेपी की ‘हैट्रिक’
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है।
- NDA (बीजेपी+): 126 में से 90 से अधिक सीटों पर जीत/बढ़त। बीजेपी अकेले बहुमत के आंकड़े (64) को पार कर गई है।
- कांग्रेस+: गौरव गोगोई जैसे बड़े नेताओं की हार के साथ विपक्षी गठबंधन काफी पीछे रह गया है।
5. पुडुचेरी: एनडीए बरकरार
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में NDA (AINRC + BJP) गठबंधन ने अपनी सत्ता बचाए रखी है और बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।


