रूस ने भारत को उर्वरक (फर्टिलाइजर) की आपूर्ति बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे भारतीय किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। रूसी फर्टिलाइजर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के प्रमुख आंद्रे गुरयेव ने नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के दौरान इसकी जानकारी दी।
सप्लाई में बढ़ोतरी और आंकड़े
- राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए गए आश्वासन के तहत वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही रूस 2.8 मिलियन टन उर्वरक भारत भेज चुका है। वर्तमान में भारत द्वारा आयात किए जाने वाले हर तीन टन फर्टिलाइजर में से एक टन का उत्पादन रूस में होता है। पुतिन के निर्देश के बाद बीते वर्ष रूसी उत्पादकों ने भारत को 6.5 मिलियन टन उर्वरक की आपूर्ति की थी, जो 2021 के मुकाबले छह गुना अधिक और वार्षिक आधार पर 40% की बढ़ोतरी थी।
पुतिन का निर्देश और खाद्य सुरक्षा आंद्रे गुरयेव के अनुसार, कज़ान ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन ने रूसी उद्योग को निर्देश दिया था कि भारतीय किसानों की मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। रूस से मिलने वाले पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) फर्टिलाइजर भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश में खाद्य सुरक्षा और उच्च गुणवत्ता वाली फसलों के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार रूस के कुल मिनरल फर्टिलाइजर निर्यात का आधा हिस्सा अब ब्रिक्स (BRICS) देशों को जा रहा है। 2025 में ब्रिक्स देशों को रूसी आपूर्ति 23.4 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी, जो 2021 की तुलना में 75% की वृद्धि दर्शाती है।


