More
    HomeHindi Newsयूक्रेन में भारतीय फार्मा कंपनी पर रूसी ड्रोन अटैक, एक की मौत,...

    यूक्रेन में भारतीय फार्मा कंपनी पर रूसी ड्रोन अटैक, एक की मौत, कई घायल, 400 करोड़ का नुकसान

    यूक्रेन के सूमी क्षेत्र में भारतीय जड़ों वाले कुसुम ग्रुप के दवा निर्माण संयंत्र पर रूसी ड्रोन हमला हुआ है। हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। ड्रोन हमले से प्लांट की मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और उसका बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया। घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में फैक्टरी से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया।

    स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बचाव और नुकसान का आकलन जारी है। ऐसे में मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव की संभावना जताई गई है। यूक्रेनी रिपोर्टों के अनुसार, सूमी में एक औद्योगिक प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमले में 52 वर्षीय कर्मचारी की मौत हुई और तीन लोग घायल हुए।

    400 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

    रिपोर्टों के अनुसार, हमले से कुसुम ग्रुप के सूमी प्लांट को कम से कम 400 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। यह संयंत्र रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भी लंबे समय तक उत्पादन और संचालन जारी रखे हुए था। अब हमले में मुख्य ढांचे को व्यापक क्षति पहुंचने से कंपनी के संचालन पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।

    सूमी रूस की सीमा के करीब स्थित यूक्रेनी क्षेत्र है और युद्ध के दौरान यहां रूसी ड्रोन तथा मिसाइल हमले होते रहे हैं। हाल के महीनों में यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में रूसी हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ने की खबरें भी सामने आई हैं।

    1994 में भारत से यूक्रेन पहुंची थी कंपनी

    कुसुम ग्रुप ने वर्ष 1994 में यूक्रेन में भारतीय दवाओं के वितरण से अपना कारोबार शुरू किया था। कंपनी का संचालन भारतीय नागरिक राजीव गुप्ता करते हैं। बाद में समूह ने खुद के ब्रांड विकसित किए और दवा निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। भारत में 2007 में उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के बाद 2009 में यूक्रेन के सूमी में प्लांट शुरू किया गया।

    कंपनी 50 से अधिक, मुख्य रूप से जेनेरिक दवाओं का निर्माण करती है और इन्हें यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान और फिलीपींस समेत कई देशों में बेचती है। कुसुम ग्रुप खुद को ‘भारतीय जड़ों वाली यूक्रेनी कंपनी’ के रूप में पेश करता है।

    हमले ने यूक्रेन में काम कर रही भारतीय जड़ों वाली कंपनियों के सामने युद्ध के बढ़ते जोखिम को भी उजागर किया है। सूमी प्लांट पर हुए हमले में जानमाल के नुकसान के साथ कंपनी को भारी आर्थिक क्षति हुई है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments