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    वैभव सूर्यवंशी जैसे कितने बल्लेबाज तैयार किए? वसीम अकरम ने PSL पर उठाए सवाल

    पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन के बीच पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने देश की क्रिकेट व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमजोरी से निराश अकरम ने सीधे तौर पर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की प्रतिभा तैयार करने की क्षमता पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए पूछा कि करीब एक दशक पुरानी PSL ने अब तक उनके जैसा कितने बल्लेबाज तैयार किए हैं।

    वैभव का उदाहरण देकर पूछे तीखे सवाल

    अकरम का कहना है कि भारत में कम उम्र के खिलाड़ियों को जिस तरह बड़े मंच पर खेलने का मौका मिल रहा है, पाकिस्तान में वैसी प्रतिभा तैयार करने और उसे निखारने की प्रक्रिया कमजोर नजर आती है। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी का नाम लेते हुए सवाल किया कि क्या पाकिस्तान ने पिछले 10 साल में वैभव जैसा कोई बल्लेबाज तैयार किया है?

    वैभव ने बेहद कम उम्र में आईपीएल जैसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई और आक्रामक बल्लेबाजी से दुनिया का ध्यान खींचा। उनकी सफलता को भारतीय घरेलू क्रिकेट, जूनियर स्तर और आईपीएल की प्रतिभा पहचानने वाली व्यवस्था से जोड़कर देखा जाता है।

    PSL को शुरू हुए एक दशक से ज्यादा

    पाकिस्तान सुपर लीग की शुरुआत 2016 में हुई थी। अब यह पाकिस्तान के घरेलू टी20 ढांचे का प्रमुख हिस्सा है। इसके बावजूद अकरम का मानना है कि लीग से अंतरराष्ट्रीय स्तर के बल्लेबाजों की नई खेप उतनी संख्या में सामने नहीं आई, जितनी उम्मीद की गई थी।

    उनकी चिंता सिर्फ किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। अकरम पाकिस्तान क्रिकेट के पूरे सिस्टम में लंबे समय की योजना की कमी की बात लगातार उठाते रहे हैं। हालिया बयानों में उन्होंने घरेलू क्रिकेट की कमजोरी, बार-बार होने वाले बदलाव और तत्काल नतीजे हासिल करने की कोशिशों की आलोचना की है।

    सिर्फ PSL नहीं, पूरे सिस्टम पर सवाल

    अकरम के मुताबिक पाकिस्तान को यह देखना होगा कि युवा खिलाड़ियों की पहचान किस स्तर पर हो रही है, उन्हें कितने मौके मिल रहे हैं और उनके विकास के लिए किस तरह की कोचिंग उपलब्ध है। उनका मानना है कि किसी खिलाड़ी को सिर्फ टी20 लीग में मौका देना पर्याप्त नहीं है। उसके तकनीकी और मानसिक विकास पर भी लगातार काम करना जरूरी है।

    इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान की मौजूदा टेस्ट सीरीज ने इन चिंताओं को और बढ़ा दिया है। टीम की बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी और शीर्ष क्रम के प्रदर्शन ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि अगली पीढ़ी के लिए मजबूत बल्लेबाजी विकल्प कहां से आएंगे। अकरम ने इससे पहले भी पाकिस्तान क्रिकेट में लंबे समय की रणनीति और घरेलू ढांचे को मजबूत करने की जरूरत बताई है।

    भारत-पाकिस्तान के सिस्टम की तुलना

    वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह दिखाता है कि बेहद कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ी को बड़े स्तर पर अवसर कैसे मिल सकता है। हालांकि वैभव की तुलना किसी खिलाड़ी से करना अपने आप में अंतिम फैसला नहीं है, क्योंकि उनका करियर अभी शुरुआती दौर में है। लेकिन अकरम का सवाल पाकिस्तान के क्रिकेट सिस्टम के लिए जरूर बड़ा संदेश है।

    उनकी टिप्पणी का मूल सवाल यही है—अगर PSL को शुरू हुए 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं, तो इस लीग से कितने ऐसे बल्लेबाज निकले हैं जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक पाकिस्तान की बल्लेबाजी की रीढ़ बन सकें? अब अकरम की इस आलोचना के बाद PCB और PSL के सामने प्रतिभा विकास के मॉडल पर गंभीरता से विचार करने की चुनौती है।

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