NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली और उसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर एक वीडियो पोस्ट कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने छात्रों पर हुए बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए प्रधानमंत्री से देश के युवाओं से माफी मांगने की मांग की है।
राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर लाठियां भांजना और पुलिस बल का प्रयोग करना बेहद शर्मनाक है।
- छात्रों के समर्थन में आवाज: राहुल गांधी ने कहा, “देश के युवाओं पर अत्याचार बंद होना चाहिए। छात्र अपने भविष्य और परीक्षा की शुचिता को लेकर जवाब मांग रहे हैं, और सरकार उन पर लाठियां बरसा रही है।”
- प्रधानमंत्री से मांग: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और इस बर्बर कार्रवाई के लिए देश के पीड़ित छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी का मुख्य संदेश: “सरकार का काम युवाओं की आवाज सुनना और उनके साथ न्याय करना है, न कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों पर पुलिसिया अत्याचार करना। हमलावरों और पेपर लीक माफियाओं पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर।”
क्या है पूरा मामला?
नीट परीक्षा रद्द करने और पारदर्शी दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर हजारों छात्र पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन कर रहे थे।
| घटनाक्रम का चरण | मुख्य अपडेट व विवरण |
|---|---|
| छात्र आंदोलन | NEET धांधली के खिलाफ छात्रों और छात्र संगठनों का उग्र प्रदर्शन। |
| पुलिस कार्रवाई | प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल। |
| धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा | भारी जनदबाव और विपक्ष के हमलों के बाद 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। |
| संसद में हंगामा | मानसून सत्र के पहले ही दिन इस मुद्दे पर विपक्ष ने दोनों सदनों में जोरदार विरोध दर्ज कराया। |
विपक्ष की भावी रणनीति
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि वे संसद के भीतर और सड़क पर छात्रों के न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। विपक्ष की मांग है कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


