भारतीय वायुसेना (IAF) द्वारा अपने सभी 36 राफेल लड़ाकू विमानों के रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए ‘ब्रिज सपोर्ट टेंडर’ जारी किए जाने के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है. इस आधिकारिक टेंडर ने पाकिस्तान के उस पुराने प्रोपेगैंडा की हवा निकाल दी है, जिसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तानी सेना ने पिछले साल मई में हुए सैन्य संघर्ष के दौरान भारत के कुछ राफेल विमानों को मार गिराया था. इस खुलासे से बौखलाए भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने अब अपनी खीज निकालते हुए भारत और फ्रांस दोनों को झूठा करार दे दिया है.
टेंडर को बताया ‘फर्जी’
जर्मनी में राजदूत और भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके अब्दुल बासित ने एक टीवी चैनल पर बातचीत के दौरान भारतीय वायुसेना के इस आधिकारिक टेंडर और दस्तावेजों को पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत बता दिया. अपनी बात को सही साबित करने की जिद में बासित ने आरोप लगाया कि भारत इस मामले में सच को छुपा रहा है.
बासित ने अपनी खीज निकालते हुए कहा:
“पाकिस्तान ने भारत के साथ पिछले साल मई की लड़ाई में कुछ भारतीय जेट मार गिराने का दावा किया था. भारत के पास उस समय 36 राफेल जेट थे और आज भी उनकी वायुसेना 36 जेट के रखरखाव के लिए टेंडर जारी कर रही है. यह साफ दिखाता है कि कुछ न कुछ छुपाया जा रहा है।”
फ्रांस की कंपनी ‘डसॉल्ट’ पर भी मढ़े आरोप
अब्दुल बासित की सुई सिर्फ भारत पर ही नहीं रुकी, बल्कि उन्होंने राफेल विमान बनाने वाली फ्रांस की दिग्गज कंपनी ‘डसॉल्ट एविएशन’ (Dassault Aviation) को भी इस ‘झूठ’ में साझीदार बता दिया. बासित ने दावा किया कि खुद डसॉल्ट ने पहले तकनीकी खराबी के कारण एक राफेल विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात कही थी.
पाकिस्तानी राजनयिक के मुताबिक, अगर एक विमान कम हुआ था, तो भारत का यह नया कॉन्ट्रैक्ट 36 के बजाय 35 विमानों के लिए होना चाहिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि डसॉल्ट कंपनी अपने व्यावसायिक हितों और भारत के साथ अपने कारोबारी रिश्तों को बचाने के लिए भारत के इस ‘फर्जीवाड़े’ में उसका साथ दे रही है और वैश्विक स्तर पर झूठ बोल रही है.
क्यों परेशान है पाकिस्तान?
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई में चार दिनों तक चले तीव्र सैन्य संघर्ष के बाद से ही पाकिस्तानी सेना और वहां का मीडिया लगातार राफेल विमानों को निशाना बनाने के झूठे दावे करता रहा है. पाकिस्तान अपनी जनता के सामने खुद को मजबूत दिखाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) जैसे दावों के तहत राफेल को मार गिराने की कहानियां गढ़ता आया है.
अब जब भारत ने पूरी पारदर्शिता के साथ सभी 36 राफेल लड़ाकू विमानों की फ्लीट के लिए अंतरराष्ट्रीय मेंटेनेंस टेंडर जारी कर दिया है, तो इससे तकनीकी और कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान का झूठ पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है. यही वजह है कि अब्दुल बासित जैसे वरिष्ठ राजनयिक भी अब अपनी साख बचाने के लिए बेतुके तर्क गढ़ रहे हैं.


