दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस बर्बरता के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर जमकर निशाना साधा। खरगे ने सवाल उठाया कि जब संसद का सत्र चल रहा है, तो सरकार और गृह मंत्री अमित शाह इस गंभीर मुद्दे पर सदन में बयान देने से क्यों बच रहे हैं?
‘गृह मंत्री गायब, पीएम संसद नहीं आ रहे’: खरगे का तंज
मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है, लेकिन इतनी बड़ी घटना के बावजूद गृह मंत्री कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।
- सदन में बयान देने की मांग: खरगे ने कहा, “जब देश की राजधानी में छात्रों पर इस तरह की बर्बरता होती है, तो गृह मंत्री का फर्ज बनता है कि वह संसद के दोनों सदनों में आकर बयान दें। लेकिन गृह मंत्री गायब हैं और प्रधानमंत्री संसद आ नहीं रहे हैं।”
- तानाशाही का आरोप: कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जता रहे छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों की मनमानी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और कथित बदसलूकी के बाद विपक्ष आक्रामक है।
- छात्रों पर कार्रवाई का विरोध: विभिन्न छात्र संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने महिला छात्रों और युवाओं के साथ बर्बरता की और कई छात्रों को हिरासत में लिया।
- संसद में स्थगन प्रस्ताव: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद में कार्यस्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) भी दिया है।
विपक्ष ने सरकार से पूछे तीन तीखे सवाल
- जवाबदेही किसकी?: दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है, तो छात्रों पर हुए बल प्रयोग की जिम्मेदारी गृह मंत्री क्यों नहीं ले रहे?
- संसद से दूरी क्यों?: जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है, तो इतने संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर स्पष्टीकरण क्यों नहीं दे रहे?
- लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई कब?: निहत्थे छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई?
खरगे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक संसद से सड़क तक यह मुद्दा उठाया जाता रहेगा।


