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    मोहम्मद शमी का हौसला और जज्बा बरकरार, कोच ने बताया-वापसी के लिए अब कर रहे ये प्रयास

    भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भले ही पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उनका इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी का हौसला और जज्बा बरकरार है। उनके बचपन के कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि 35 वर्षीय शमी की नजरें दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर टिकी हैं।

    वापसी के लिए कड़ी मेहनत और 5 किलो घटाया वजन

    • फिटनेस पर ध्यान: कोच बदरुद्दीन के मुताबिक, शमी आगामी घरेलू क्रिकेट सीजन की तैयारी में जुटे हैं और उन्होंने वापसी की अपनी मुहिम के तहत 5 किलो वजन कम किया है।
    • घरेलू क्रिकेट में जलवा: 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम से बाहर रहने के बावजूद शमी ने घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के 7 मैचों में 37 विकेट और विजय हजारे ट्रॉफी के 7 मैचों में 15 विकेट हासिल किए।

    चयनकर्ताओं के आकलन पर सवाल और कोच का तर्क

    • मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने पूर्व में संकेत दिया था कि शमी फिलहाल केवल टी20 फॉर्मेट के लिए ही तैयार दिखते हैं। हालांकि, शमी के आंकड़े और लाल गेंद व वनडे प्रारूप में उनका हालिया प्रदर्शन अलग कहानी बयां करता है।
    • बदरुद्दीन का मानना है कि भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण इस समय चोटों (जैसे हर्षित राणा का चोटिल होना) और अनिरंतरता से जूझ रहा है। ऐसे समय में शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को पूरी तरह नजरअंदाज करना सही फैसला नहीं होगा।

    साउथ अफ्रीका में शमी का शानदार रिकॉर्ड

    • विदेशी परिस्थितियों का अनुभव: कोच ने कहा कि इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका जैसी कठिन परिस्थितियों में सिर्फ युवा पेसर्स पर निर्भर रहना जोखिम भरा है, जहाँ शमी का अनुभव टीम के बेहद काम आ सकता था।
    • आंकड़े पक्ष में: 2027 वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होना है, जहाँ शमी का रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। उन्होंने साउथ अफ्रीका की धरती पर 11 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 22.68 की औसत से 44 विकेट चटकाए हैं।

    फिटनेस और ट्रेनिंग मॉडल पर कोच की राय

    बदरुद्दीन ने पेस गेंदबाजों की आधुनिक फिटनेस तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार केवल जिम में समय बिताने के बजाय तेज गेंदबाजों को मैदान पर रनिंग, स्प्रिंट और स्टैमिना बनाने पर अधिक ध्यान देना चाहिए, क्योंकि जिम शरीर का शेप तो सुधार सकता है लेकिन गेंदबाजी के लिए जरूरी सहनशक्ति नहीं बढ़ा सकता।

    घरेलू क्रिकेट में लगातार उम्दा प्रदर्शन और अपनी फिटनेस पर काम कर मोहम्मद शमी ने यह साफ कर दिया है कि अगर देश को उनकी जरूरत होगी, तो वह हमेशा देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे।

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