पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर अहमद शहजाद ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की तुलना पर अपनी भड़ास निकालते हुए पीएसएल की गुणवत्ता पर कड़े सवाल उठाए हैं। शहजाद, जो स्वयं PSL 2026 की नीलामी में अनसोल्ड (Unsold) रहे थे, उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर पीएसएल को ‘रिटायर्ड खिलाड़ियों की लीग’ करार दिया।
PSL बनाम IPL: “जमीन-आसमान का अंतर”
शहजाद ने कहा कि आईपीएल दुनिया की सबसे शक्तिशाली और अमीर लीग है क्योंकि वहां दुनिया भर के टॉप सुपरस्टार्स खेलते हैं, जिससे प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा रहता है। वहीं, पीएसएल के बारे में उन्होंने कहा, “पीएसएल ने पिछले 3-4 सालों में केवल रिटायर्ड खिलाड़ियों और कमेंटेटरों को अपना ब्रांड फेस बनाया है। जो विदेशी खिलाड़ी पीएसएल में बच गए हैं, वे या तो आईपीएल से संन्यास ले चुके हैं या आईपीएल नीलामी में अनसोल्ड रहे हैं।” उन्होंने तर्क दिया कि अगर किसी भी सक्रिय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को आईपीएल में मौका मिलता है, तो वह पीएसएल के बजाय आईपीएल को ही चुनेगा।
पीसीबी (PCB) और खिलाड़ियों पर निशाना
शहजाद ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की नीतियों की भी कड़ी आलोचना की:
- जवाबदेही का अभाव: उन्होंने कहा कि पीसीबी आज अपने खिलाड़ियों के सामने इतना कमजोर है कि वह नए चेहरों को लाने के बजाय कुछ पुराने नामों पर ही करोड़ों खर्च कर रहा है।
- खिलाड़ियों की मानसिकता: उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पीएसएल में खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों की मानसिकता वाकई क्रिकेट खेलने की है या वे केवल आर्थिक लाभ के लिए यहाँ आते हैं।
- विदेशी खिलाड़ियों का हटना: उन्होंने दासुन शनाका और अजमतुल्लाह उमरजई जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण दिया, जिन्होंने पीएसएल का अनुबंध होने के बावजूद आईपीएल से बेहतर ऑफर मिलने पर पीएसएल छोड़ दिया।
शर्मनाक रिकॉर्ड और टीम प्रबंधन
शहजाद ने बताया कि पीएसएल की गिरती साख का मुख्य कारण यह है कि यहां उन खिलाड़ियों को सुपरस्टार बनाया जा रहा है जिनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन औसत है। उन्होंने इसे “प्रपोगेंडा ब्रांडिंग” करार दिया।
अहमद शहजाद का बयान: “तुम्हारी लीग में केवल वही खिलाड़ी हैं जिन्हें आईपीएल ने रिजेक्ट कर दिया है। अगर डेविड वॉर्नर या स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ी भी यहाँ हैं, तो इसलिए क्योंकि उनका आईपीएल करियर खत्म हो चुका है।”
इस बयान के बाद पाकिस्तान के क्रिकेट हलकों में काफी चर्चा है, विशेषकर तब जब अहमद शहजाद को खुद पीएसएल के इस सीजन में किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था। कुछ प्रशंसकों का मानना है कि उनकी यह प्रतिक्रिया इसी निराशा का परिणाम है, जबकि अन्य उनके द्वारा उठाए गए गुणवत्ता के सवालों से सहमत नजर आ रहे हैं।


