पश्चिम बंगाल की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के विशाल शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया। कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के 30 से अधिक दिग्गज नेताओं ने एक साथ मंच साझा कर विपक्षी खेमे को कड़ा संदेश दिया।
मंच पर दिग्गजों का जमावड़ा
शपथ ग्रहण के मंच पर भारतीय राजनीति के सबसे बड़े चेहरों की मौजूदगी ने बंगाल के राजनीतिक महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत एनडीए के कई घटक दलों के प्रमुख नेता उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और बिहार के मुख्यमंत्री समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पीएम मोदी का समर्थन और ‘आशीर्वाद’
समारोह का सबसे चर्चित क्षण वह था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी की पीठ थपथपाई।
- यह इशारा न केवल शुभेंदु के प्रति पीएम के भरोसे को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार बंगाल के विकास के लिए नई राज्य सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।
- पीएम की यह आत्मीयता कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़े मनोबल बढ़ाने वाले संकेत के रूप में देखी जा रही है।
योगी आदित्यनाथ और ‘भगवा’ सम्मान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हुए उन्हें भगवा अंगवस्त्र पहनाया।
- यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे बंगाल में ‘सांस्कृतिक और वैचारिक बदलाव’ के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
- योगी का यह अंदाज समर्थकों के बीच भारी उत्साह का संचार कर गया, जो बंगाल में कानून-व्यवस्था के ‘यूपी मॉडल’ की उम्मीद कर रहे हैं।
30 से अधिक शीर्ष नेताओं की एक मंच पर मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा के लिए बंगाल अब केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उसके भविष्य के एजेंडे का मुख्य केंद्र है। पीएम मोदी की पीठ थपथपाहट और योगी का सम्मान, शुभेंदु अधिकारी के नए सफर के लिए एक शक्तिशाली ‘लॉन्चपैड’ की तरह काम करेगा। इस भव्य आयोजन ने बंगाल की राजनीति में एक नए और आक्रामक युग की शुरुआत कर दी है।


