More
    HomeHindi Newsदतिया में बवाल के बीच आया नरोत्तम का बयान, अपने समर्थकों से...

    दतिया में बवाल के बीच आया नरोत्तम का बयान, अपने समर्थकों से की यह अपील

    टिकट कटने पर समर्थकों के हंगामे के बीच सामने आए नरोत्तम मिश्रा, कहा-यह पार्टी का फैसला है, बवाल न काटें

    मध्य प्रदेश के दतिया-डबरा अंचल में उस समय भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया, जब भाजपा आलाकमान ने आगामी उपचुनावों के लिए प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया। पार्टी ने सबको चौंकाते हुए उनकी जगह आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस फैसले की खबर आते ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन और चक्काजाम का दौर शुरू हो गया।

    सड़कों पर उतरा समर्थकों का गुस्सा

    टिकट कटने से नाराज कार्यकर्ताओं ने दतिया और ग्वालियर अंचल में कई जगह उग्र प्रदर्शन किए। झांसी हाईवे पर समर्थकों ने लंबा जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। विरोध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दतिया भाजपा के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह समेत पूरी जिला कार्यकारिणी ने सामूहिक इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो भी सामने आए जहां कार्यकर्ता आक्रोश में आकर पेट्रोल या केरोसिन डालकर आत्मघाती कदम उठाने जैसी कोशिशें करते दिखे।

    नरोत्तम मिश्रा की भावुक और सख्त अपील

    समर्थकों के इस भारी हंगामे और उग्र प्रदर्शनों के बीच खुद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सामने आकर मोर्चा संभाला। उन्होंने डबरा में मीडिया से बात करते हुए बेहद गंभीर और भावुक लहजे में कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की। मिश्रा ने कड़ा संदेश देते हुए कहा:

    “यह पार्टी आलाकमान का फैसला है और हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं द्वारा केरोसिन या पेट्रोल डालने वाले वीडियो देखकर मुझे बेहद दुख हुआ है। पार्टी फोरम में अपनी बात रखने का एक तरीका होता है, इस तरह सड़कों पर बवाल काटना सही नहीं है।”

    उन्होंने कार्यकर्ताओं से साफ तौर पर कहा कि वे ऐसा कोई भी उग्र या आत्मघाती कदम न उठाएं जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो। उन्होंने सभी से अनुशासन में रहने और केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय को स्वीकार करने का आग्रह किया।

    संपत्ति और रसूख को लेकर फिर चर्चा तेज

    इस सियासी उठापटक के बीच क्षेत्र में नरोत्तम मिश्रा के रसूख और उनकी संपत्ति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पिछले चुनावी हलफनामे (2023) के अनुसार, नरोत्तम मिश्रा के पास करीब 6 करोड़ 84 लाख रुपये की कुल संपत्ति है। क्षेत्र के इतने कद्दावर और अमीर नेता होने के बावजूद उनके प्रोफाइल की सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनके नाम पर कोई भी निजी कार पंजीकृत नहीं है और वे पूरी तरह से कर्जमुक्त हैं।

    फिलहाल, नरोत्तम मिश्रा के इस कड़े और समझदारी भरे संदेश के बाद पार्टी नेतृत्व ने राहत की सांस ली है, लेकिन पूरी जिला इकाई के इस्तीफे के बाद दतिया-डबरा क्षेत्र में उपचुनाव की राह भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments