देशभर में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 अगस्त को उत्तर भारत से लेकर मध्य और पहाड़ी राज्यों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
राजस्थान में भारी बारिश और ऑरेंज अलर्ट
राजस्थान में मानसून अत्यंत सक्रिय बना हुआ है।
- ऑरेंज व येलो अलर्ट: मौसम विभाग ने पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा 24 से अधिक जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
- प्रभावित क्षेत्र: झुंझुनूं, अलवर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित कई जिलों में 13 अगस्त तक लगातार बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।
- सुधार की उम्मीद: पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त और पूर्वी हिस्सों में 15 अगस्त से बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर और मैदानी राज्यों का हाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं।
- दिल्ली-हरियाणा-पंजाब: मैदानी इलाकों में 11 अगस्त को हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली है।
- उत्तर प्रदेश व बिहार: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा बिहार के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश आफत बनी हुई है।
- हिमाचल और उत्तराखंड: मौसम विभाग ने 11 से 16 अगस्त के दौरान दोनों राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
- बाढ़ और लैंडस्लाइड जोखिम: लगातार बारिश से नदियों और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन (Landslides) और अचानक बाढ़ (Flash Floods) की स्थिति पैदा होने की आशंका है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।
मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत की स्थिति
- मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़: पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
- पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी अगले 3-4 दिनों तक भारी मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
- तटीय क्षेत्र: तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय सतर्कता बरतें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।


