केंद्र सरकार लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा चक्र देने के लिए अनुच्छेद 371 (Article 371) के तहत विशेष प्रावधानों का ढांचा तैयार करने के अंतिम चरण में है। लेह के शे (Shey) स्थित ड्रुक पद्मा कार्पो स्कूल के सिल्वर जुबली स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने यह जानकारी दी।
प्रमुख बातें और केंद्र सरकार की योजना:
- अनुच्छेद 371 के तहत विशेष प्रावधान:
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए वादे के मुताबिक, गृह मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लद्दाख के लिए अनुच्छेद 371 के तहत विशेष संवैधानिक प्रावधानों को अंतिम रूप दे रहा है।
- इसका मुख्य उद्देश्य लद्दाख की अनूठी जनजातीय संस्कृति, भूमि, पर्यावरण, रोजगार और स्थानीय परंपराओं को कानूनी व संवैधानिक संरक्षण प्रदान करना है।
- 7 नए जिले और 7 स्वायत्त परिषदें (Councils):
- पहले लद्दाख में केवल 2 जिले (लेह और कारगिल) थे, लेकिन अब 5 नए जिले बनाकर कुल 7 जिले कर दिए गए हैं।
- जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इन 7 जिलों में 7 स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदें (Autonomous Hill Development Councils) स्थापित की जाएंगी।
- हाई कोर्ट की नई बेंच:
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 अगस्त 2026 को नियम जारी कर लद्दाख में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच (Bench) स्थापित करने के कानूनी ढांचे को मंजूरी दे दी है। इससे स्थानीय निवासियों को त्वरित न्याय सुलभ होगा।
- पीएम मोदी का संभावित लद्दाख दौरा:
- किरेन रिजीजू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से लद्दाख के लोगों से मिलने और नए प्रावधानों पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हैं, और उनका दौरा जल्द हो सकता है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में सुधार:
- पिछले एक दशक में लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों, टेलीकॉम नेटवर्क, 5G सेवाओं, बिजली और पेयजल का व्यापक विस्तार किया गया है। पहले जिन यात्राओं में दिन लगते थे, वे अब कुछ घंटों में पूरी हो रही हैं।
किरेन रिजीजू ने युवाओं से अपील की कि वे आधुनिक इंटरनेट तकनीक और शिक्षा का लाभ तो लें, लेकिन अपनी समृद्ध लद्दाखी भाषा, बौद्ध परंपराओं और स्थानीय जीवन शैली से जुड़ाव हमेशा बनाए रखें।


