महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ (Operation Tiger) के तहत शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस बड़े राजनीतिक दलबदल को लेकर विपक्षी खेमे में भारी नाराजगी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
खरगे ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र का गला घोंटकर देश से तमाम क्षेत्रीय पार्टियों का अस्तित्व मिटाना चाहती है।
क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करने की साजिश: मल्लिकार्जुन खरगे
विपक्ष के ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की ओर से मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जो कुछ भी हो रहा है, वह पूरी तरह से असंवैधानिक और लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।
“भाजपा का एक ही एजेंडा है— साम, दाम, दंड, भेद के जरिए विपक्षी दलों को तोड़ना। वे जांच एजेंसियों और धनबल का डर दिखाकर एक-एक करके देश की सभी मजबूत क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करना चाहते हैं। पहले उन्होंने शिवसेना तोड़ी, फिर एनसीपी और अब बचे हुए सांसदों को भी जबरन पाला बदलवाया जा रहा है। यह सीधे तौर पर जनता के जनादेश का अपमान है।”
खरगे ने आगे कहा कि अगर इसी तरह लोकतंत्र की स्थापित परंपराओं को कुचला गया, तो देश में बहुदलीय व्यवस्था (Multi-party System) खत्म हो जाएगी, जो किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।
‘ऑपरेशन लोटस’ का नया नाम: उद्धव गुट
शिवसेना (UBT) के नेताओं ने भी कांग्रेस अध्यक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि यह कोई ‘ऑपरेशन टाइगर’ नहीं, बल्कि ‘ऑपरेशन लोटस’ का ही दूसरा रूप है, जहां शेर की खाल ओढ़कर गद्दारी की जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से ठीक पहले महाविकास अघाड़ी (MVA) को कमजोर करने के लिए यह पूरी पटकथा दिल्ली में लिखी गई है।
भाजपा और शिंदे गुट का पलटवार
मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्षी नेताओं के इन गंभीर आरोपों पर पलटवार करने में सत्ता पक्ष ने भी देर नहीं की। बीजेपी और शिंदे गुट के प्रवक्ताओं ने कहा:
- आंतरिक लोकतंत्र की कमी: सांसदों का पाला बदलना कोई साजिश नहीं है, बल्कि यह उद्धव ठाकरे के तानाशाही रवैये और उनके नेतृत्व पर अविश्वास का नतीजा है।
- विकास की राजनीति: बागी सांसदों ने खुद साफ किया है कि वे अपने क्षेत्रों के विकास और प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री शिंदे की नीतियों से प्रभावित होकर इस गुट में शामिल हुए हैं।
इस बड़े सियासी उलटफेर और मल्लिकार्जुन खरगे के तीखे बयानों ने साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की यह जंग और भी ज्यादा आक्रामक होने वाली है।


