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    श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 6 दिसंबर को कारसेवा, मथुरा में देशभर से जुटे साधु-संतों का बड़ा एलान

    उत्तर प्रदेश के धर्मनगरी मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर साधु-संतों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। 9 अगस्त को राधाकुंड स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ में आयोजित भव्य हवन-पूजन, शिला पूजन और ‘कारसेवा शंखनाद’ कार्यक्रम के दौरान देश भर से जुटे धर्माचार्यों ने बड़ा एलान करते हुए 6 दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर व्यापक कारसेवा करने की घोषणा की है।

    9 अगस्त को हवन पूजन के साथ शंखनाद

    श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज की अगुवाई में रविवार (9 अगस्त) को अनुष्ठान का आयोजन हुआ।

    • शिला पूजन और नक्काशी: राम मंदिर निर्माण की तर्ज पर राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से मंगवाए जा रहे गुलाबी पत्थरों के पूजन के साथ कारसेवा की शुरुआती रूपरेखा तैयार की गई। पत्थरों पर नक्काशी के लिए ओडिशा से कारीगर बुलाए गए हैं।
    • नया नारा: संतों ने सभा के दौरान “कृष्ण लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे” के नारे बुलंद करते हुए 6 दिसंबर की तारीख तय की।

    संतों को पुलिस का रेड कार्ड नोटिस और अलर्ट

    सोशल मीडिया पर “आ रहे भगवाधारी, खाली करो कृष्ण जन्मभूमि हमारी” जैसे पोस्ट प्रसारित होने के बाद मथुरा पुलिस और खुफिया विभाग (Intelligence) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।

    • प्रशासनिक सख्ती: कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज, साध्वी ऋतंभरा सहित 12 प्रमुख साधु-संतों को रेड कार्ड (निरोधात्मक नोटिस) थमाया है।
    • कड़ी चेतावनी: पुलिस ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान, शाही मस्जिद ईदगाह और आसपास के क्षेत्रों में बिना अनुमति किसी भी प्रकार के धार्मिक जुलूस, जलाभिषेक या भड़काऊ गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    मुस्लिम पक्ष का रुख

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद के कोर्ट में लंबित होने के कारण शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी ने इस आह्वान पर आपत्ति जताई है। कमेटी के पक्षकारों का कहना है कि मामला अदालत के विचाराधीन है, ऐसे में इस प्रकार के भड़काऊ बयानों और समानांतर आंदोलनों से क्षेत्र का सौहार्द बिगड़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और सोशल मीडिया सेल के जरिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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