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    लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत, महिलाओं ने लिखा स्वर्णिम अध्याय

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड को 270 रनों के विशाल अंतर से हराकर एक अभूतपूर्व इतिहास रच दिया है. लॉर्ड्स के 142 साल के लंबे इतिहास में यह पहला मौका था जब कोई महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारत ने इसे एकतरफा अंदाज में जीतकर यादगार बना दिया.

    यह जीत विदेशी सरजमीं पर इसलिए बेहद खास और ऐतिहासिक है क्योंकि इस मुकाबले में न सिर्फ इंग्लैंड का दबदबा खत्म हुआ, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गए हैं.

    लॉर्ड्स टेस्ट में बने छह बड़े रिकॉर्ड:

    1. रनों के लिहाज से ऐतिहासिक जीत और लॉर्ड्स में चौथी फतह

    भारत की 270 रनों की यह जीत महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के मामले में भारत की दूसरी सबसे बड़ी और ओवरऑल चौथी सबसे बड़ी जीत है. इससे पहले भारत ने 2023 में नवी मुंबई में इंग्लैंड को 347 रनों से मात दी थी. इसके साथ ही, पुरुष और महिला क्रिकेट को मिलाकर लॉर्ड्स के मैदान पर यह भारत की चौथी टेस्ट जीत है. इससे पहले भारतीय पुरुष टीम ने 1986 (कपيل देव), 2014 (एमएस धोनी) और 2021 (विराट कोहली) की कप्तानी में यहां तिरंगा फहराया था.

    2. भारत का दूसरा सबसे बड़ा मैच स्कोर

    भारतीय टीम ने इस मैच की दोनों पारियों को मिलाकर कुल 626 रन (285 और 341/7 घोषित) बनाए. यह महिला टेस्ट क्रिकेट में भारत का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मैच स्कोर है. इससे पहले भारत ने साल 2024 में चेन्नई टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 640 रन बनाए थे.

    3. क्रांति गौड़ ने ऑनर्स बोर्ड पर लिखा नाम

    22 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में महज 37 रन देकर 5 विकेट चटकाए. इसके साथ ही वह लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित टेस्ट ऑनर्स बोर्ड (Honours Board) पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं. वह महिला टेस्ट में पांच विकेट हॉल लेने वाली भारत की सिर्फ पांचवीं तेज गेंदबाज हैं.

    4. यास्तिका भाटिया का ऐतिहासिक शतक

    विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में 113 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली. वह लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं. इसके अलावा, सौरव गांगुली (1996 में 131 रन) के बाद यास्तिका लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली भारत की केवल दूसरी बाएं हाथ की बल्लेबाज (पुरुष व महिला मिलाकर) हैं. वह महिला टेस्ट की तीसरी या चौथी पारी में शतक जड़ने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं.

    5. स्मृति मंधाना का 300वां मैच और नया कीर्तिमान

    यह मुकाबला स्टार ओपनर स्मृति मंधाना के करियर का 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच था. वह मिताली राज और हरमनप्रीत कौर के बाद यह मुकाम छूने वाली तीसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं. इसके अलावा 30 वर्ष की उम्र से पहले 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली वह दुनिया की सबसे युवा महिला क्रिकेटर हैं. उन्होंने इस मैच में 83 और 70 रन की पारियां खेलकर टेस्ट की दोनों पारियों में अर्धशतक लगाने का गौरव भी हासिल किया.

    6. दूसरी पारी में रनों की बौछार

    भारतीय टीम ने दूसरी पारी में 341/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया. महिला टेस्ट इतिहास में यह केवल दूसरा मौका है जब भारतीय टीम ने किसी टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 300 से अधिक का स्कोर बनाया हो. ऋचा घोष ने भी इस दौरान महज 52 गेंदों में नाबाद 50 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को इस बड़े स्कोर तक पहुंचाया.

    विदेशी जमीं पर क्यों ऐतिहासिक है यह जीत?

    इंग्लैंड को उनके घरेलू मैदान लॉर्ड्स (जिसे मक्का ऑफ क्रिकेट कहा जाता है) पर हराना किसी भी टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जाता है. भारतीय महिला टीम ने न सिर्फ इस चुनौती को स्वीकार किया, बल्कि बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में अंग्रेजों को पूरी तरह पछाड़ दिया. इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब दुनिया के किसी भी कोने में और किसी भी परिस्थिति में जीत दर्ज करने का माद्दा रखती है.

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