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    भारत-अफगानिस्तान के बीच सदियों पुराने संबंधों, मंत्री ओमारी ने कहा-हमारा डीएनए एक

    पाकिस्तान के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच अफगानिस्तान के एक कार्यवाहक मंत्री ने भारत दौरे पर आकर दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को लेकर एक बेहद भावुक और बड़ी बात कही है। तालिबान सरकार के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मवलवी अताउल्लाह ओमारी (Mawlawi Attaullah Omari) ने भारत और अफगानिस्तान के गहरे रिश्तों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के लोगों का ‘डीएनए एक ही है।’

    ‘यह मेरी पहली भारत यात्रा है और हमारा डीएनए एक है’

    अफगान मंत्री ओमारी अंतरराष्ट्रीय कृषि सहयोग से जुड़े एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के दौरे पर आए थे। अपनी इस पहली भारत यात्रा के दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंधों का जिक्र किया। ओमारी ने कहा, “यह मेरी पहली भारत यात्रा है और यहां आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। हमारे संबंध बहुत पुराने और गहरे हैं। सच कहें तो भारत और अफगानिस्तान का डीएनए एक ही है। हमारे बीच खान-पान, रहन-सहन और संस्कृति की गहरी समानताएं हैं।”

    पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच भारत से नजदीकी के मायने अफगान मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब डूरंड लाइन (Durand Line) और सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों को लेकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहद निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। एक तरफ जहां पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अक्सर गोलाबारी और सैन्य गतिरोध देखने को मिलता है, वहीं दूसरी तरफ अफगान सरकार का भारत की तरफ यह झुकाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान पाकिस्तान के लिए एक कड़ा कूटनीतिक संदेश है।

    भारत की मानवीय सहायता की सराहना मवलवी अताउल्लाह ओमारी ने संकट के समय में अफगानिस्तान की मदद करने के लिए भारत सरकार और यहां के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा संकट के दौर में अफगान नागरिकों के लिए गेहूं, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान भेजकर एक सच्चे दोस्त की भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक, विशेषकर कृषि क्षेत्र में संबंध और मजबूत होंगे।

    अफगानिस्तान में भारतीय परियोजनाओं का जिक्र तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी भारत ने अफगानिस्तान के आम नागरिकों की मदद करना बंद नहीं किया है। भारत द्वारा वहां बनाए गए शहतूत बांध (Shahtoot Dam), संसद भवन और कई अस्पतालों का जिक्र करते हुए अफगान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारत द्वारा किया गया विकास कार्य दोनों देशों के अटूट विश्वास का प्रतीक है।

    अफगान मंत्री के इस “दिल छू लेने वाले” बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भले ही काबुल में राजनीतिक परिस्थितियां बदली हों, लेकिन भारत और अफगानिस्तान के लोगों के बीच का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव आज भी उतना ही मजबूत है।

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