देश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों से लेकर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों तक मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त तक देश के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ‘येलो अलर्ट’ और ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है।
मुंबई में भूस्खलन से तबाही
मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते घाटकोपर और कुर्ला क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ। कुर्ला के चिराग नगर स्थित गौसिया चॉल पर पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इस भूस्खलन की चपेट में आने से कई मकान मलबे में दब गए, जिसमें कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय निकाय की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। बीएमसी ने मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे और नासिक के लिए बारिश का अलर्ट जारी रखा है।
हिमाचल प्रदेश में मार्ग अवरुद्ध और जनजीवन ठप
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भूस्खलन और मलबे के कारण प्रदेश की 200 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें कई राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं।
- प्रभावित क्षेत्र: मंडी, चंबा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में यातायात, बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
- बहाव और तबाही: लाहौल-स्पीति के जहालमा नाले में आई बाढ़ से भारी मलबा चंद्रभागा नदी में समा गया, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ गया और जोबरंग पुल डूबने से कई गांवों का संपर्क कट गया।
- अलर्ट: मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 अगस्त तक राज्य भर में भारी बारिश की आशंका जताई है।
उत्तराखंड और अन्य राज्यों का हाल
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रहे भूस्खलन से केदारनाथ और बदरीनाथ मार्ग पर आवाजाही बाधित हुई है। देहरादून और हरिद्वार में नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 18 अगस्त तक बारिश की संभावना को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।
IMD की मुख्य चेतावनी और सलाह
मौसम विभाग ने 18 अगस्त तक विशेष एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए हैं:
- पहाड़ी क्षेत्रों में आवाजाही सीमित रखें: भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं के खतरे को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी-नालों से दूर रहें: जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका के कारण तटीय इलाकों में जाने से मना किया गया है।
- प्रशासनिक अलर्ट पर ध्यान दें: संबंधित राज्यों के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।


