बिहार की राजधानी पटना के चर्चित शिक्षक ‘खान सर’ (Khan Sir) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित उनके कोचिंग संस्थान के बाहर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले सात सालों में उनके ऊपर या उनके कोचिंग परिसर के आसपास हुआ यह दूसरा बड़ा हमला है। इस ताजा घटनाक्रम के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि खान सर का ‘सस्ता कोचिंग मॉडल’ ही अब कोचिंग माफियाओं और उनके प्रतिद्वंद्वियों के गले की फांस बन चुका है, जिसके कारण उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
हमले की वजह: सस्ता शिक्षा मॉडल बनाम कोचिंग माफिया
- कोचिंग इंडस्ट्री में व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता: पटना का मुसल्लहपुर हाट और नया टोला इलाका कोचिंग सेंटरों का बहुत बड़ा हब है, जहां अरबों रुपये का कारोबार होता है। खान सर ने बहुत ही कम फीस (सस्ते मॉडल) में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शुरू किया, जिससे अन्य बड़े और महंगे कोचिंग संस्थानों के एकाधिकार को भारी चोट पहुंची है। पुलिस को अंदेशा है कि इसी व्यावसायिक रंजिश के चलते इस हमले को अंजाम दिया गया है।
- गरीब और ग्रामीण छात्रों का झुकाव: खान सर के इस किफायती मॉडल के कारण बिहार और अन्य राज्यों के लाखों गरीब व ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन कोर्स से जुड़ गए। इसके चलते महंगे संस्थान, जो मोटी फीस वसूलते थे, उनके पास छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आई है। प्रतिद्वंद्वियों के लिए यह भारी आर्थिक नुकसान का कारण बना हुआ है।
- माफियाओं के वर्चस्व को चुनौती: पटना की कोचिंग मंडियों में अक्सर कुछ स्थानीय बाहुबलियों और माफियाओं का दखल रहता है, जो सुरक्षा या अन्य नामों पर अवैध वसूली और वर्चस्व की लड़ाई लड़ते हैं। खान सर की बढ़ती लोकप्रियता और उनकी सुरक्षा को भेदकर दहशत फैलाना, इस पूरे इलाके में अपनी धक जमाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल: मुसल्लहपुर हाट जैसे भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाके में सरेआम फायरिंग होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। सात साल पहले भी खान सर को लेकर इसी तरह की सुरक्षा चूक और तनाव की स्थिति सामने आई थी, जिसके बाद अब दोबारा हुआ यह हमला उनके समर्थकों और छात्रों के बीच गहरी चिंता पैदा कर रहा है।
स्थानीय पुलिस फिलहाल इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कोचिंग संचालकों के आपसी विवाद से लेकर स्थानीय अपराधियों के एंगल तक, हर बिंदु पर तफ्तीश जारी है ताकि हमले के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।


