फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में स्पेन से मिली 1-0 की दिल तोड़ने वाली हार के बाद पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) के विश्व कप करियर का अंत हो गया है। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले की अंतिम सीटी (Final Whistle) बजते ही 41 वर्षीय स्टार खिलाड़ी पिच पर ही अपने आंसू नहीं रोक पाए और फूट-फूट कर रो पड़े।
अधूरा रह गया रोनाल्डो का सबसे बड़ा सपना
स्पेन और पुर्तगाल का यह नॉकआउट मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मैच निर्धारित 90 मिनट तक 0-0 की बराबरी पर था और ऐसा लग रहा था कि खेल एक्स्ट्रा टाइम में खिंचेगा। लेकिन इंजरी टाइम (91वें मिनट) में स्पेन के सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी मिकेल मेरिनो (Mikel Merino) ने फेरान टोरेस के बेहतरीन थ्रू बॉल पास पर मैच विनिंग गोल दागकर पुर्तगाल को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस हार के साथ ही रोनाल्डो का अपनी टीम को विश्व कप चैंपियन बनाने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया।
संन्यास (Retirement) पर क्या है रोनाल्डो का बयान?
फुटबॉल फैंस के मन में यह बड़ा सवाल है कि क्या रोनाल्डो ने खेल को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है?
- सिर्फ विश्व कप करियर का अंत: रोनाल्डो ने अभी अंतरराष्ट्रीय या क्लब फुटबॉल से पूरी तरह संन्यास (Retirement) का ऐलान नहीं किया है।
- पहले ही कर दी थी घोषणा: स्पेन के खिलाफ इस बड़े मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोनाल्डो ने साफ कर दिया था कि 2026 का यह टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी विश्व कप होगा। उन्होंने कहा था, “हां, यह मेरा आखिरी विश्व कप है। अब इसका पूरा आनंद लेना है।”
- आगे का सफर: वह पुर्तगाल की जर्सी में आगे अन्य अंतरराष्ट्रीय मैचों या अपने क्लब के लिए खेलना जारी रखेंगे या नहीं, इसका फैसला वह आने वाले समय में लेंगे।
विश्व कप इतिहास में दर्ज किया अनोखा रिकॉर्ड
भले ही रोनाल्डो अपने देश को विश्व कप की ट्रॉफी न दिला सके हों, लेकिन इस महामंच पर उनका सफर ऐतिहासिक रहा है:
- 6 विश्व कप खेलने का कीर्तिमान: क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने करियर में कुल 6 फीफा विश्व कप (2006 से 2026) खेले हैं।
- 27 मैच और 11 गोल: उन्होंने वर्ल्ड कप के कुल 27 मुकाबलों में शिरकत की और 11 शानदार गोल दागे।
- अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड: वह दुनिया के एकमात्र ऐसे पुरुष फुटबॉलर हैं, जिन्होंने लगातार 6 अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में कम से कम एक गोल जरूर किया है।
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: विश्व कप में उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन साल 2006 के डेब्यू टूर्नामेंट में रहा था, जब पुर्तगाल की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी।


