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    DC Review: ‘देवदास’ का हिंसक और आधुनिक रूपांतरण, बागी लोकेश और बेखौफ दिखीं वामिका

    फिल्म: DC

    निर्देशक: अरुण मथेश्वरन

    मुख्य कलाकार: लोकेश कनगराज, वामिका गब्बी, संजना कृष्णमूर्ति, कृष्ण दयाल

    रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)

    तमिल सिनेमा के जाने-माने निर्देशक लोकेश कनगराज की बतौर अभिनेता पहली मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘DC’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। अरुण मथेश्वरन द्वारा निर्देशित यह फिल्म शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के कालजयी उपन्यास ‘देवदास’ का एक हिंसक और आधुनिक रूपांतरण (Reimagining) है, जिसे ‘बौनी एंड क्लाइड’ शैली के तड़के के साथ पेश किया गया है।

    क्या है फिल्म की कहानी?

    फिल्म की कहानी ‘दास’ (लोकेश कनगराज) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बागी और शराब का आदी गैंगस्टर है। 2011 की पृष्ठभूमि में सेट इस कहानी में दास और उसके साथी व्यवस्था और पुलिस के अत्याचारों के खिलाफ बंदूक उठाते हैं। इस हिंसक सफर में दास की मुलाकात ‘चंद्र’ (वामिका गब्बी) से होती है, जिसे वह एक मुश्किल जीवन से निकालता है। दोनों मिलकर अपनी रक्षा और बदले के लिए हिंसा का रास्ता चुनते हैं। कहानी में ‘पार्वती’ (संजना कृष्णमूर्ति) का किरदार भी आता है, लेकिन कहानी का मुख्य केंद्र दास और चंद्र का रिश्ता और उनका खूनी संघर्ष ही रहता है।

    अभिनय और प्रदर्शन: खामोशी में असरदार लोकेश

    • लोकेश कनगराज: निर्देशक से अभिनेता बने लोकेश ने अपने अभिनय डेब्यू से सभी को चौंकाया है। बिना ज्यादा संवाद बोले, केवल अपनी आंखों और शारीरिक हाव-भाव से उन्होंने एक टूटे हुए, क्रोधित और शराबी देवदास की भूमिका को पूरी शिद्दत से निभाया है। एक्शन दृश्यों में वे पूरी तरह से सहज और प्रभावशाली नजर आते हैं।
    • वामिका गब्बी: वामिका फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती हैं। उन्होंने चंद्र के किरदार में बेखौफ, उग्र और चुंबकीय अभिनय किया है। लोकेश के साथ उनकी स्क्रीन केमिस्ट्री और स्क्रीन प्रेजेंस बेहद मजबूत है।
    • संजना कृष्णमूर्ति: संजना को सीमित स्क्रीन टाइम मिला है, लेकिन अपने छोटे से रोल में वे अपनी छाप छोड़ने में सफल रहती हैं।

    निर्देशन, संगीत और तकनीकी पक्ष

    • अरुण मथेश्वरन का निर्देशन: अरुण ने अपने सिग्नेचर स्टाइल के मुताबिक फिल्म को एक हिंसक, डार्क और स्टाइलिश लुक दिया है। पहला हाफ काफी तेजी से बढ़ता है और दर्शकों को बांधकर रखता है। हालांकि, सेकेंड हाफ में कहानी थोड़ी बिखरी हुई लगती है और बार-बार एक ही तरह के एक्शन व भाग-दौड़ के कारण रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
    • अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत: फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और संगीत इसका मुख्य आधार है। अनिरुद्ध ने हिंदुस्तानी, शास्त्रीय और वेस्टर्न बीट्स का ऐसा संयोजन तैयार किया है जो हर एक्शन सीन को एक अलग ऊंचाई पर ले जाता है।
    • सिनेमैटोग्राफी: मुकेश जी. का कैमरा वर्क और लाइटिंग बेहद कलात्मक है, जो हर फ्रेम को देखने में भव्य बनाती है।

    देखें या न देखें?

    ‘DC’ एक डार्क, हिंसक और स्टाइलिश एक्शन-ड्रामा है। अगर आप अरुण मथेश्वरन के सिनेमाई क्राफ्ट, अनिरुद्ध के संगीत और लोकेश कनगराज के अभिनय का नया अवतार देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक बार देखने लायक (One-time Watch) अनुभव जरूर पेश करती है।

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