पंजाब की राजनीति से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से दूरियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। लगभग छह साल तक कांग्रेस से अलग रहने और भाजपा में शामिल होने के बाद, अब कैप्टन के सुर बदलते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के एक खास संदेश ने कैप्टन का दिल पिघला दिया है और वे एक बार फिर अपनी पुरानी पार्टी ‘कांग्रेस’ में घर वापसी कर सकते हैं।
1. भाजपा से बढ़ती नाराजगी की वजह
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सितंबर 2022 में अपनी पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ का विलय भाजपा में किया था।
- उपेक्षा का आरोप: सूत्रों के मुताबिक, कैप्टन पिछले काफी समय से पंजाब भाजपा के भीतर खुद को और अपने समर्थकों को अलग-थलग महसूस कर रहे थे। राज्य में सांगठनिक फैसलों और टिकट बंटवारे में उनकी राय को तवज्जो न दिए जाने से वे काफी आहत थे।
- असंतोष: कैप्टन के करीबियों का कहना है कि वे भाजपा की कार्यशैली में खुद को ढाल नहीं पा रहे थे, जिसके कारण उनकी पार्टी से दूरियां बढ़ती गईं।
2. राहुल गांधी के संदेश ने बदली हवा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ राहुल गांधी के एक कूटनीतिक और भावनात्मक संदेश से आया है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने एक मध्यस्थ के जरिए कैप्टन अमरिंदर सिंह तक सम्मानजनक संदेश पहुंचाया है। इस संदेश में कैप्टन के पुराने अनुभवों और पंजाब में उनके योगदान की सराहना की गई है। छह साल पहले जिस नेतृत्व से मतभेदों के चलते कैप्टन ने कांग्रेस छोड़ी थी, उसी नेतृत्व की तरफ से आए इस सकारात्मक रुख ने पूर्व मुख्यमंत्री को भावुक कर दिया और उन्हें अपनी पुरानी पार्टी एक बार फिर ‘अपनी’ लगने लगी है।
राजनीतिक प्रभाव: यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह वापस कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो यह पंजाब की सियासत का सबसे बड़ा पासा पलटने वाला कदम (Game Changer) होगा। इससे न केवल पंजाब में भाजपा के पैर उखड़ने का खतरा बढ़ जाएगा, बल्कि बिखरी हुई पंजाब कांग्रेस को भी एक बार फिर एक मजबूत और अनुभवी चेहरा मिल जाएगा।
घर वापसी की कयासबाजियां तेज
कैप्टन की बेटी जय इंदर कौर और परिवार के अन्य सदस्य भी पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के संपर्क में बताए जा रहे हैं। हालांकि, कैप्टन या कांग्रेस आलाकमान की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन पंजाब की राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस बार ‘धुआं उठा है तो आग जरूर लगी है’ और जल्द ही कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी का औपचारिक ऐलान हो सकता है।


