पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे आंतरिक घमासान को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है। टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने पार्टी में एक बड़ी बगावत और टूट का अंदेशा जताते हुए राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। उनके इस दावे के बाद ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
होटल में 50 विधायकों की गुप्त बैठक
दावा है कि टीएमसी के लगभग 50 विधायकों ने कोलकाता के एक नामी होटल में गुपचुप तरीके से एक बड़ी बैठक की है।
- बगावत की तैयारी: इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी के मौजूदा शीर्ष नेतृत्व (ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी) के खिलाफ एक मजबूत धड़ा तैयार करना है।
- असंतोष की वजह: चुनाव नतीजों और टिकट बंटवारे के बाद से ही पार्टी का एक बड़ा वर्ग नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज चल रहा था, जो अब खुलकर सामने आ रहा है।
चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ पर कब्जे की कोशिश
इस दावे में सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि बागी गुट केवल पार्टी छोड़ने की तैयारी में नहीं है, बल्कि वे पूरी पार्टी पर अपना दावा ठोकना चाहते हैं।
- असली टीएमसी का दावा: रिजू दत्ता के अनुसार, बैठक में शामिल विधायक कानूनी और सांगठनिक रणनीति बना रहे हैं ताकि वे चुनाव आयोग के सामने खुद को ‘असली टीएमसी’ साबित कर सकें।
- सिंबल पर नजर: बागी गुट का मुख्य लक्ष्य टीएमसी के आधिकारिक चुनाव चिह्न (Election Symbol) ‘जोड़ा फूल’ पर कब्जा करना है, ठीक उसी तरह जैसे हाल के वर्षों में शिवसेना और एनसीपी जैसे क्षेत्रीय दलों में देखा गया था।
टीएमसी नेतृत्व की प्रतिक्रिया
इस बड़े खुलासे के बाद टीएमसी आलाकमान पूरी तरह सतर्क हो गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने स्थिति को संभालने के लिए अपने वफादार नेताओं के साथ आपातकालीन बैठकें शुरू कर दी हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि संदिग्ध गतिविधियों में शामिल विधायकों पर जल्द ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, और आने वाले दिन टीएमसी की अंदरूनी एकजुटता के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।


