तमिलनाडु की राजनीति में आज 4 मई 2026 का दिन एक ऐतिहासिक ‘सिनेमैटिक’ मोड़ लेकर आया है। राज्य की सत्ता पर दशकों से काबिज द्रविड़ राजनीति के दो स्तंभों—DMK और AIADMK—के वर्चस्व को सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने तगड़ी चुनौती दी है। सुबह 11:30 बजे तक के रुझानों ने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है, जहाँ विजय की पार्टी बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब पहुँच गई है।
रुझानों में विजय का ‘मास्टर’ स्ट्रोक
| पार्टी | बढ़त/जीत (कुल 234 सीटें) |
|---|---|
| TVK (विजय) | 111 |
| AIADMK+ | 71 |
| DMK+ (सत्ताधारी) | 52 |
करुणानिधि-एमजीआर की विरासत पर ‘थलापति’ का प्रहार
तमिलनाडु ने हमेशा से फिल्मी सितारों को सिर-आंखों पर बिठाया है, लेकिन विजय का यह प्रदर्शन एमजीआर (MGR) और जयललिता की याद दिला रहा है। रुझानों में सबसे बड़ी खबर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के अपने निर्वाचन क्षेत्र कोलाथुर से है, जहाँ वे TVK उम्मीदवार से करीब 2,277 वोटों से पीछे चल रहे हैं। उदयनिधि स्टालिन भी अपनी सीट चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी पर संघर्ष करते दिख रहे हैं।
प्रमुख घटनाक्रम और चुनावी समीकरण
- किंगमेकर से किंग की ओर: शुरुआती एग्जिट पोल में विजय को ‘किंगमेकर’ बताया गया था, लेकिन मौजूदा रुझान उन्हें ‘किंग’ की कुर्सी के करीब ले जा रहे हैं।
- बदलाव की लहर: टीवीके ने राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सेंध लगाई है। सलेम, इरोड और मदुरै जैसे क्षेत्रों में पार्टी ने DMK और AIADMK के गढ़ ढहा दिए हैं।
- DMK कार्यालय में सन्नाटा: चेन्नई स्थित DMK मुख्यालय ‘अन्ना अरिवलयम’ में सन्नाटा पसरा है। वहाँ लगाए गए जश्न के शामियाने और टेंट हटाए जा रहे हैं, जो हार की स्वीकारोक्ति की ओर इशारा कर रहे हैं।
क्या द्रविड़ राजनीति का अंत है?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह तमिलनाडु में करुणानिधि और एमजीआर के युग के बाद एक नई राजनीतिक शैली की शुरुआत होगी। विजय ने अपनी रैलियों में “धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय” और “भ्रष्टाचार मुक्त शासन” का जो वादा किया था, उसका युवाओं में जबरदस्त असर दिखा है।
तमिलनाडु की जनता ने इस बार ‘बदलाव’ के पक्ष में मतदान किया है। दोपहर तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी, लेकिन फिलहाल राज्य में ‘विजय’ का शंखनाद गूंज रहा है।


