बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान से ठीक पहले देर रात पटना के जक्कनपुर थाने में भारी राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर सीट से खुद उम्मीदवार प्रशांत किशोर अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए और पुलिस पर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से हिरासत में लेने का आरोप लगाया। वही थानेदार ने भी पलटकर कह दिया क्या राजनीति दिखा रहे हो?
थानेदार से तीखी बहस और ‘नौकरी जाने’ की चेतावनी
प्रशांत किशोर का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी वैध कारण के जन सुराज के कई कार्यकर्ताओं को देर शाम हिरासत में ले लिया और उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
थाना परिसर में बहस के दौरान जब पुलिस अधिकारियों की ओर से राजनीतिक दबाव में काम करने या ‘राजनीति दिखाने’ की बात आई, तो मामला और गर्म हो गया। प्रशांत किशोर ने जक्कनपुर थाना प्रभारी (SHO) को चेतावनी देते हुए कहा:
“अगर हमारे कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से परेशान किया गया या नुकसान पहुँचाया गया, तो थाना प्रभारी को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। पूरे बिहार ने देखा है कि कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया है।”
पुलिस का पक्ष और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
- पुलिस का स्पष्टीकरण: पटना पुलिस और थानाध्यक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उपचुनाव से पहले सुरक्षा और आचार संहिता के तहत संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर केवल कुछ लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया था। पुलिस का दावा है कि किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है और न ही कोई एफआईआर दर्ज हुई है।
- प्रशांत किशोर का दावा: प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) उपचुनाव हारने के डर से पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है और जन सुराज के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है।
क्यों अहम है बांकीपुर का मुकाबला?
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर सीट पर उपचुनाव हो रहा है। यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है।
इस बार प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरकर पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा और आरजेडी की रेखा गुप्ता से है। वोटिंग के बाद मतों की गिनती 3 अगस्त को होगी।


