मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से सफलता की एक बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। छिंदवाड़ा कोतवाली में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) की बेटी प्रिया मालवीय ने भारतीय वायुसेना (IAF) में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। प्रिया को छिंदवाड़ा जिले की पहली महिला फ्लाइंग ऑफिसर बनने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त हुआ है।
शानदार रैंक के साथ हासिल की सफलता
प्रिया मालवीय ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) 2025 की परीक्षा में देश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
- ऑल इंडिया रैंक: प्रिया ने देशभर में 113वीं रैंक हासिल कर अंतिम चयन सूची (मेरिट लिस्ट) में अपनी जगह पक्की की है।
- एएफसीएटी परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने कड़े एसएसबी (SSB) इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट को सफलतापूर्वक पास किया।
बचपन का सपना और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्रिया के घर में देश सेवा का माहौल बचपन से ही था। उनके पिता रवि मालवीय पुलिस विभाग में एएसआई हैं और मां उर्मिला मालवीय हैं। बचपन से पिता को खाकी वर्दी में देश और समाज की सेवा करते देख प्रिया के मन में भी सेना में जाने का जज्बा पैदा हुआ।
- स्कूली शिक्षा: प्रिया ने अपनी शुरुआती शिक्षा छिंदवाड़ा के ही विद्याभूमि स्कूल से पूरी की।
- इंजीनियरिंग की डिग्री: उच्च शिक्षा के लिए वह गुजरात गईं, जहां उन्होंने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (GTU) से ‘इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन’ ब्रांच में बीई (बैचलर्स ऑफ इंजीनियरिंग) की डिग्री हासिल की।
- तैयारी की रणनीति: इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद प्रिया ने घर पर रहकर करीब डेढ़ साल तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी बड़े शहर जाने के बजाय ऑनलाइन कोचिंग का सहारा लिया और सही रणनीति व अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया।
पिता बोले- “बेटी ने जीवन सार्थक कर दिया”
प्रिया की इस ऐतिहासिक सफलता पर मालवीय परिवार में जश्न का माहौल है। कोतवाली पुलिस स्टेशन के साथी पुलिसकर्मियों और शुभचिंतकों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी। अपनी बेटी की कामयाबी पर ASI पिता रवि मालवीय भावुक हो गए। उन्होंने नम आंखों से कहा:
“मुझे अंदर से बेहद आनंद की अनुभूति हो रही है। मेरी बेटी ने आज मेरा जीवन सार्थक कर दिया है और पूरे परिवार व जिले को गौरवान्वित किया है। वह पढ़ाई को लेकर हमेशा जागरूक रही, मुझे उसे कभी डांटने की जरूरत ही नहीं पड़ी।”
बेटियों के लिए प्रिया का संदेश
अपनी सफलता पर स्वर्णमयी अनुभव साझा करते हुए प्रिया ने कहा कि उनके परिवार, खासकर माता-पिता और भाई हिमांशु मालवीय का अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने देश की अन्य बेटियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे खुद पर भरोसा रखें, आत्मनिर्भर बनें और अपने करियर का चुनाव खुद करें।
अगला कदम: अंतिम चयन के बाद अब प्रिया मालवीय भारतीय वायुसेना की औपचारिक और कठिन सैन्य ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद रवाना होंगी, जिसके बाद वे बतौर फ्लाइंग ऑफिसर देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात होंगी।


