वाशिंगटन स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर (Pew Research Center) के हालिया वैश्विक सर्वेक्षण (Global Survey) में भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और खुद अमेरिका को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
36 देशों में किए गए इस व्यापक सर्वे के अनुसार, हालांकि भारत अभी भी चीन के मुकाबले अमेरिका को तरजीह देता है, लेकिन पिछले एक साल में भारतीयों के बीच अमेरिका की साख काफी कम हुई है।
भारत में घटा अमेरिका और ट्रंप का ग्राफ
प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नागरिकों के बीच अमेरिका और उसके राष्ट्रपति दोनों की लोकप्रियता में भारी कमी आई है:
- डोनाल्ड ट्रंप पर भरोसा कम: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व और वैश्विक मामलों में उनके सही फैसले लेने की क्षमता पर भारतीयों का भरोसा 13 फीसदी तक गिर गया है।
- अमेरिका की साख में गिरावट: खुद संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के प्रति भारतीयों के सकारात्मक दृष्टिकोण (Favourability) में भी 9 फीसदी की कमी आई है।
- कारण: विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर लगाए गए व्यापारिक टैरिफ (Tariffs), आर्थिक तनाव, और अमेरिका की हालिया आक्रामक विदेश नीतियों के चलते भारतीयों में यह असंतोष बढ़ा है।
भारतीयों को किस विदेशी नेता पर सबसे ज्यादा विश्वास?
वैश्विक स्तर पर जहां कई नेताओं की साख गिरी है, वहीं भारत के संदर्भ में एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। प्यू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, भारत में अभी भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतििन (Vladimir Putin) के प्रति एक बड़ा सकारात्मक नजरिया बना हुआ है।
रूसी नेतृत्व पर भरोसा: सर्वे के अनुसार, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां रूस और व्लादिमीर पुतिन के प्रति ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों के कारण भरोसा कायम है। भारत में पुतिन पर विश्वास का स्तर कई पश्चिमी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से अधिक दर्ज किया गया है। भारत के अलावा केवल इंडोनेशिया, मलेशिया और बांग्लादेश जैसे देशों में ही पुतिन को लेकर बहुसंख्यक आबादी में भरोसा देखा गया है।
इसके विपरीत, भारत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों को लेकर अविश्वास की भावना बढ़ी है। हालांकि, भारतीय उत्तरदाता (Respondents) अभी भी चीन और शी जिनपिंग की तुलना में अमेरिका और ट्रंप को थोड़ा बेहतर मानते हैं, लेकिन कुल मिलाकर अमेरिका के पक्ष में रहने वाला पुराना ‘प्रो-यूएस’ (Pro-US) आम सहमति का ढांचा अब कमजोर पड़ता दिख रहा है।
वैश्विक स्तर पर भी अमेरिका की छवि को झटका
यह संकट केवल भारत तक सीमित नहीं है। प्यू रिसर्च के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भी अमेरिका की छवि काफी प्रभावित हुई है:
- वैश्विक रेटिंग: 36 देशों में किए गए सर्वे में केवल 23% लोगों ने ट्रंप के वैश्विक नेतृत्व पर भरोसा जताया, जबकि 76% लोगों ने अविश्वास व्यक्त किया।
- चीन से पीछे छूटा अमेरिका: कनाडा, मैक्सिको, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत 25 देशों में अब लोग अमेरिका की तुलना में चीन को अधिक सकारात्मक रूप से देख रहे हैं।
- नीतियों का विरोध: गाजा और ईरान संकट को लेकर ट्रंप प्रशासन के रुख से दुनिया भर में नाराजगी है, जहां क्रमश: 76% और 74% लोगों ने अमेरिकी नीतियों को खारिज कर दिया है।
यह सर्वे साफ दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन की ‘अमेरिका फर्स्ट’ (America First) और सख्त आर्थिक नीतियों के कारण वैश्विक मंच के साथ-साथ उसके सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार भारत में भी अमेरिका की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है।


