त्योहारी सीजन से ठीक पहले चीनी के बाद अब प्याज की कीमतों में आए उछाल ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है। बीते एक महीने में देश के कई हिस्सों में प्याज के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं। बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने अपना बफर स्टॉक बाजार में उतारने का फैसला किया है और इसके तहत विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ (Kanda Express) ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
प्याज की कीमतों का मौजूदा हाल
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
- राष्ट्रीय औसत कीमत: देश में प्याज का औसत खुदरा मूल्य बढ़कर ₹42 प्रति किलो हो गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 45% और पिछले महीने से 19% अधिक है।
- महानगरों में उछाल: दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव ₹65 प्रति किलो (पिछले साल ₹35) और चेन्नई में ₹58 प्रति किलो तक पहुंच गया है। केरल, असम और मुंबई में भी कीमतें काफी ऊंची हैं।
- नासिक मंडी का हाल: देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी (नासिक) में पिछले एक महीने में प्याज के दाम में 76% की भारी तेजी दर्ज की गई है। एक महीने पहले जो प्याज ₹2,050 प्रति क्विंटल था, वह अब ₹3,600 प्रति क्विंटल के पार पहुंच गया है।
क्यों बढ़ रहे हैं प्याज के दाम?
- खरीफ उत्पादन में गिरावट: देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में खरीफ प्याज के उत्पादन में 5% से 7% तक की गिरावट की आशंका है।
- मौसम और आवक: अगस्त-सितंबर के महीनों में रबी फसल का पुराना स्टॉक खत्म होने लगता है। इस बार अनिश्चित मानसून और बुवाई में देरी के कारण मंडियों में नई आवक कमजोर रही।
- चीनी के दाम में भी उछाल: प्याज के साथ-साथ चीनी के खुदरा दाम भी बढ़कर ₹62.5 से ₹65 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
सरकार का एक्शन Plan: ‘कांदा एक्सप्रेस’
कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ मालगाड़ियों के जरिए बफर स्टॉक का प्याज उन राज्यों में भेजने की शुरुआत की है, जहां भाव राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक हैं:
- रूट्स: यह विशेष ट्रेनें नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए रवाना की जा रही हैं।
- बाजार में सस्ती बिक्री: NAFED और NCCF के जरिए बफर स्टॉक से प्याज रियायती दरों पर चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाएगा ताकि जमाखोरी और कृत्रिम किल्लत पर लगाम लगाई जा सके।
- पर्याप्त स्टॉक का दावा: खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सरकार और किसानों के पास आगामी महीनों की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। NAFED/NCCF ने बफर स्टॉक बढ़ाने के लिए खरीद मूल्य भी ₹1,270 से बढ़ाकर ₹2,645 प्रति क्विंटल कर दिया है।


