कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच दिपके ने एक वीडियो जारी कर महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तारीफ की। इसी दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सत्ता इन ऐतिहासिक नेताओं जैसा बनने की स्थिति में नहीं है।
दिपके ने गांधी, आंबेडकर और नेहरू को भारत की राजनीतिक और सामाजिक विरासत के तीन अलग-अलग स्तंभ बताया। उन्होंने महात्मा गांधी को ‘भारत की आत्मा’, डॉ. आंबेडकर को ‘भारत की रीढ़’ और जवाहरलाल नेहरू को ‘भारत का मस्तिष्क’ बताया। इसके बाद उन्होंने केंद्र की मौजूदा राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि इन नेताओं के जैसा बनने की कोशिश करने से भी ऐसा संभव नहीं होगा।
नेहरू को बताया ‘भारत का मस्तिष्क’
अभिजीत दिपके ने अपने बयान में नेहरू की भूमिका को खास तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गांधी, नेहरू और आंबेडकर अपनी भूमिका और योगदान के कारण बड़े नेता बने। उनके मुताबिक इन नेताओं ने देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और संस्थाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिपके इससे पहले भी नेहरू को लेकर अपनी पसंद जाहिर कर चुके हैं। अगस्त 2026 में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे देश के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री का नाम पूछा गया था, तो उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम लिया था। उस समय उन्होंने नेहरू को देश का सबसे ‘कूल’ प्रधानमंत्री भी बताया था।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़ा बयान
दिपके का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन कर रही है। CJP ने मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन कर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के मामले में मुंबई पुलिस ने आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार मामला कथित गैरकानूनी जमावड़े और सरकारी अधिकारी के कानूनी आदेश की अवहेलना समेत अन्य धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। अभी तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान
दिपके ने इससे पहले कहा था कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं के समर्थन में लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी।
इस बीच दिपके के बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने उनके आंबेडकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर कथित बयानों पर आपत्ति जताई है। आठवले ने दिपके से माफी मांगने को कहा और उनके बयानों को ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी बताया।
इस तरह नेहरू की तारीफ से शुरू हुआ दिपके का ताजा बयान अब केंद्र सरकार की आलोचना और चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे उनके आंदोलन के संदर्भ में राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया है।


