More
    HomeHindi NewsDelhi Newsइतिहास का त्रासदीपूर्ण दौर, अनगिनत परिवार तहस-नहस हो गए, विभाजन विभीषिका स्मृति...

    इतिहास का त्रासदीपूर्ण दौर, अनगिनत परिवार तहस-नहस हो गए, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बोले PM मोदी

    14 अगस्त को देशभर में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाया जाता है। 1947 में देश के बंटवारे के समय लाखों लोगों द्वारा सही गई मानसिक व शारीरिक यातनाओं, अपनों से बिछड़ने के दर्द और प्राणों की आहुति देने वाले निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशेष दिवस पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि यह इतिहास का वह त्रासदीपूर्ण दौर था जिसने अनगिनत परिवारों को पल भर में तहस-नहस कर दिया।

    बंटवारे के जख्म और शून्य से शुरुआत का साहस

    पीएम मोदी ने कहा कि भारत के विभाजन के दौरान लाखों परिवारों ने विस्थापन का जो दर्द सहा, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। कई घर उजड़ गए, लोगों ने अपने परिजनों और दोस्तों को हमेशा के लिए खो दिया तथा भारी हिंसा व उत्पीड़न का सामना किया।

    प्रधानमंत्री का संदेश:

    “हम उन सभी लोगों के अदम्य साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का ऐसा दौर था जिसने कई जिंदगियों को उजाड़ दिया, परिवार बिछड़ गए और लोगों ने असहनीय पीड़ा सही। लेकिन इन सब मुश्किलों के बावजूद, लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से खड़ी की और देश की प्रगति में ऐतिहासिक योगदान दिया।”

    शून्य से बनाई अपनी पहचान

    प्रधानमंत्री ने उन लाखों विस्थापित परिवारों के जुझारूपन की सराहना की, जिन्होंने बिना किसी बुनियादी साधन के फिर से नए सिरे से अपने जीवन को संवारा। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों से लड़कर सफलता हासिल करने वाली उन लोगों की जीवन यात्राएं हर भारतीय के लिए मानवीय जज्बे और संकल्प शक्ति का प्रतीक हैं।

    विभाजन के पीड़ितों ने न केवल स्वयं को संभाला, बल्कि स्वतंत्रता के बाद भारत के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभाई।

    सद्भाव और ‘विकसित भारत’ का संकल्प

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का मुख्य उद्देश्य न केवल इतिहास के इस कड़वे सच को याद करना है, बल्कि समाज में व्याप्त वैमनस्य, नफरत और भेदभाव के जहर को मिटाना भी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह दिन हमें आपसी सद्भाव, सामाजिक समरसता और भाईचारे की भावना को बनाए रखने का संदेश देता है।

    उन्होंने पूरे देश से अपील की कि सभी नागरिक मिलकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में काम करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां किसी भी प्रकार की हिंसा या विभाजनकारी ताकतों से मुक्त भारत में सुरक्षित रहें।

    क्यों मनाया जाता है यह दिवस?

    • ऐतिहासिक निर्णय: वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को हर साल ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
    • मुख्य उद्देश्य: बंटवारे के समय जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद करना और नई पीढ़ी को देश की एकता-अखंडता का मूल्य समझाना।
    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments