स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन पर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। कर्नाटक के मंगलुरु (उरवा पुलिस स्टेशन) में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ आधिकारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस शिकायत और मुख्य आरोप
- राष्ट्रगीत का अनादर: भाजपा नेता विकास पुत्तूर और अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जब पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी ने इसके प्रति अनादर प्रदर्शित किया और इसे बीच में ही रोकने का प्रयास किया।
- संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन: शिकायतकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रगीत भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है। इसे बीच में रोकने का इशारा करना या आपत्ति जताना राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रोटोकॉल का अपमान है।
- कानूनी कार्रवाई की मांग: भाजपा ने मांग की है कि सोनिया गांधी के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी जांच की जाए।
विवाद का मुख्य कारण
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटनाक्रम | 15 अगस्त को एआईसीसी मुख्यालय में राष्ट्रगीत के पूर्ण रूप के गायन के दौरान सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच बातचीत व इशारे का वीडियो वायरल हुआ। |
| भाजपा का दावा | भाजपा नेताओं (अमित मालवीय, बी.एल. संतोष आदि) का आरोप है कि सोनिया गांधी पूरे ‘वंदे मातरम्’ के गाए जाने से सहज नहीं थीं और उन्होंने इसे रोकने का इशारा किया। |
| संसद का नया कानून | हाल ही में पारित राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) कानून, 2026 के तहत ‘वंदे मातरम्’ के गायन में व्यवधान डालना दंडनीय अपराध है। |
कांग्रेस का स्पष्टीकरण
कांग्रेस पार्टी और सांसद जयराम रमेश ने भाजपा के सभी आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि:
- ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण रूप पूरे सम्मान के साथ गाया गया और इसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
- सोनिया गांधी केवल लंबे समय से खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं।
- भाजपा अपनी संकीर्ण राजनीति के तहत इस सामान्य घटना को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।


