मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक बेहद हैरान और चौका देने वाला मामला सामने आया है। यहां जैसीनगर थाना क्षेत्र के किशनपुरा गांव में रहने वाले 12वीं कक्षा के एक छात्र नमन चौबे को पिछले आठ महीनों के भीतर एक-दो बार नहीं, बल्कि चार बार जहरीले सांप ने काटा है। कुदरत का करिश्मा कहें या समय पर मिला इलाज, छात्र हर बार मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आया।
बार-बार हो रही इन घटनाओं के बाद से छात्र का परिवार बेहद डरा हुआ है, वहीं स्थानीय लोग और डॉक्टर भी इस अजीबोगरीब मामले को देखकर हैरान हैं।
आठ महीने में चार बार सांप का हमला
पीड़ित छात्र का नाम नमन चौबे है और 12वीं कक्षा में पढ़ता है। अमन के साथ सांप काटने की घटनाएं पिछले साल नवंबर से शुरू हुईं:
- पहली बार (नवंबर 2024): सबसे पहले नवंबर के महीने में सांप ने काटा था। तब परिवार ने इसे एक सामान्य हादसा माना था।
- दूसरी बार (जनवरी 2025): ठीक दो महीने बाद जनवरी में उसे दोबारा सांप ने अपना शिकार बनाया।
- तीसरी बार (मई 2025): मई के महीने में सोते समय या घर के पास तीसरी बार सांप ने डसा।
- चौथी बार (जुलाई 2026): अभी हाल ही में, यानी जुलाई की शुरुआत में चौथी बार सांप ने काट लिया, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।
हर बार सिर्फ इस वजह से बची जान
पिता ने बताया कि अमूमन ग्रामीण इलाकों में सांप काटने पर लोग झाड़-फूंक और अंधविश्वास के चक्कर में पड़ जाते हैं, जिससे मरीज की जान चली जाती है। लेकिन उनके मामले में सिर्फ एक सही फैसले ने हर बार अमन की जान बचाई।
त्वरित आधुनिक चिकित्सा और एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom): सांप के काटने के तुरंत बाद परिवार ने बिना एक पल गंवाए अंधविश्वास को दरकिनार किया और अमन को सीधे सागर जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) लेकर भागे। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत एंटी-स्नेक वेनम (सांप के जहर की काट का इंजेक्शन) दिया। सही समय पर (गोल्डन ऑवर के भीतर) मेडिकल ट्रीटमेंट मिलने की वजह से ही जहर नमन चौबे के पूरे शरीर और फेफड़ों में नहीं फैल सका और हर बार उसकी जान बच गई।
डॉक्टरों और परिजनों में दहशत का माहौल
अस्पाल के डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला वाकई दुर्लभ है कि एक ही इंसान को बार-बार सांप निशाना बना रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, कई बार सांप बिना जहर छोड़े भी काटते हैं जिसे ‘ड्राई बाइट’ कहा जाता है, लेकिन नमन के मामले में लक्षण जहरीले सांप के ही थे।
फिलहाल, चौथी बार सांप के काटने के बाद सागर के जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। हालांकि, इस सिलसिलेवार घटना से पूरा परिवार और गांव वाले इतने खौफ में हैं कि वे अब नमन को अकेले छोड़ने या अंधेरे में बाहर भेजने से भी कतराने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घर के आसपास गंदगी या चूहों के बिल होने की वजह से सांप बार-बार वहां आ रहे हैं।


