भारतीय सेना के इतिहास में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब जनरल उपेन्द्र द्विवेदी थल सेनाध्यक्ष (COAS) के पद से सेवानिवृत्त हो गए। अपनी विदाई के मौके पर उन्होंने देश सेवा के अपने सफर को याद करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “भारतीय सेना में सेवा करना और इसका नेतृत्व करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात रही है।”
जनरल द्विवेदी के रिटायर होने के बाद, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lt General Dhiraj Seth) ने आधिकारिक रूप से भारतीय सेना के 32वें थल सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इस बदलाव के साथ ही सेना में नेतृत्व की कमान अब एक नए और अनुभवी कमांडर के हाथों में आ गई है।
विदाई समारोह में क्या बोले जनरल उपेन्द्र द्विवेदी?
साउथ ब्लॉक में आयोजित गार्ड ऑफ ऑनर और राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद, जनरल द्विवेदी ने अपने विदाई भाषण में सेना के शौर्य और भविष्य की दिशा पर बात की:
- सैनिकों के प्रति आभार: उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के वीर जवानों और अधिकारियों के सहयोग के बिना उनका कार्यकाल अधूरा रहता। कठिन से कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों पर पूरे देश को गर्व है।
- बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर जोर: निवर्तमान सेना प्रमुख ने रेखांकित किया कि उनके कार्यकाल के दौरान सेना ने आधुनिक तकनीक को अपनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं।
- अटूट विश्वास: उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ के नेतृत्व में भारतीय सेना देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने में और अधिक सक्षम और मजबूत होगी।
ले. जनरल धीरज सेठ ने संभाली कमान
आर्मर्ड कोर (Armoured Corps) के एक बेहद प्रतिष्ठित और अनुभवी अधिकारी, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने आज देश के नए आर्मी चीफ का पदभार ग्रहण किया।
शानदार सैन्य सफर: जनरल धीरज सेठ को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘सुदर्शन चक्र कोर’ (Sudarshan Chakra Corps) का नेतृत्व करने का गहरा जमीनी अनुभव है। सेना के शीर्ष पद पर उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां और सीमा पर तनाव निरंतर बने हुए हैं।
नए प्रमुख के सामने मुख्य चुनौतियां
पदभार संभालने के साथ ही नए सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के सामने कई महत्वपूर्ण रणनीतिक लक्ष्य होंगे:
- उत्तरी और पश्चिमी सीमा: चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी गतिरोध और पाकिस्तान की ओर से होने वाली किसी भी हिमाकत का मजबूती से जवाब देना।
- सैन्य आधुनिकीकरण: ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत सेना को आधुनिक हथियारों, ड्रोन और एआई (AI) आधारित तकनीकों से लैस करना।
- थिएटर कमान: तीनों सेनाओं (थल, वायु और नौसेना) के एकीकरण और थिएटर कमान के गठन की चल रही प्रक्रिया को तेजी से अमलीजामा पहनाना।
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की गौरवशाली विदाई और जनरल धीरज सेठ के नेतृत्व की शुरुआत भारतीय सेना को रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर एक नई ऊर्जा और दिशा देने के लिए तैयार है।


