8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के तहत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन संशोधन (Pay Revision) को लेकर आज, यानी 30 जून 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के लिए वेतन आयोग को जरूरी वित्तीय डेटा सौंपने की आज आखिरी तारीख है। आयोग की तरफ से फिलहाल इस डेडलाइन को आगे बढ़ाने का कोई संकेत नहीं मिला है, जिसका मतलब है कि इसके बाद डेटा सबमिशन का पोर्टल बंद हो जाएगा।
क्या शर्तें रखी हैं वेतन आयोग ने?
8वें वेतन आयोग ने डेटा इकट्ठा करने की इस प्रक्रिया के लिए बेहद सख्त नियम बनाए हैं:
- केवल ऑनलाइन मोड: सभी विभागों को अपना डेटा केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (
8cpc.gov.in) पर बने समर्पित डेटा पोर्टल के जरिए ही अपलोड करना है। - फिजिकल कॉपियां खारिज: आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार के प्रिंटेड दस्तावेज, हार्ड कॉपी, स्टैंडअलोन एक्सेल शीट या ईमेल के जरिए भेजी गई जानकारी को सिरे से खारिज कर दिया जाएगा।
- 3 साल का ब्योरा: विभागों से पिछले तीन वित्तीय वर्षों (FY 2022-23, FY 2023-24 और FY 2024-25) का पूरा खर्च मांगा गया है, जिसमें बेसिक पे, डीए (DA), एचआरए (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मिलिट्री सर्विस पे जैसी तमाम जानकारियां शामिल हैं।
क्या सैलरी बढ़ने का रास्ता साफ हुआ?
हां, यह उस दिशा में एक बड़ा और अनिवार्य कदम है। कई लोग सोच सकते हैं कि डेटा सबमिशन की डेडलाइन खत्म होते ही वेतन बढ़ जाएगा, लेकिन प्रक्रिया थोड़ी अलग है। दरअसल, यह डेटा आयोग को यह समझने में मदद करेगा कि वर्तमान में सरकार पे-मैट्रिक्स (लेवल 1 से 18) पर कितना खर्च कर रही है। इसके बाद ही आयोग वित्तीय प्रभाव (Financial Impact) का आकलन कर पाएगा और नए फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) तथा संशोधित वेतनमान की सिफारिशें तैयार करेगा।
8वें वेतन आयोग से जुड़ी मुख्य बातें
- गठन और समय-सीमा: केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस लिहाज से आयोग की अंतिम सिफारिशें मध्य-2027 तक आ सकती हैं।
- असर किस-किस पर पड़ेगा: इसका सीधा लाभ औद्योगिक और गैर-औद्योगिक केंद्रीय कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों (Defence Personnel), ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारियों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के कर्मचारियों सहित पेंशनभोगियों को मिलेगा।
- एरियर (Arrears) का गणित: चूंकि नया वेतनमान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाना प्रस्तावित है, इसलिए जब भी यह लागू होगा, कर्मचारियों को पिछली तारीख से एरियर (बकाया राशि) का भुगतान किया जाएगा।
ताजा अपडेट: वेतन आयोग ने जून 2026 में लखनऊ, कोलकाता और भुवनेश्वर जैसे शहरों का दौरा कर विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों से मुलाकात की है। कर्मचारी संघों द्वारा न्यूनतम वेतन बढ़ाने, सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 5% करने और फिटमेंट फैक्टर में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग लगातार की जा रही है।


