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    भारत-ए के लिए उतरे वैभव सूर्यवंशी का बल्ला रहा खामोश, कपिल देव ने दी यह नसीहत

    श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही त्रिकोणीय सीरीज (Tri-Series) में भारत-ए (India A) के लिए ओपनिंग करने उतरे युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी का बल्ला खामोश रहा। बड़ी उम्मीदों के साथ मैदान पर उतरे वैभव इस मुकाबले में अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके और महज 12 गेंदों में उनकी पारी का अंत हो गया। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर रनों का अंबार लगाने वाले वैभव का टीम इंडिया की जर्सी में इस तरह सस्ते में आउट होना फैंस और टीम प्रबंधन के लिए थोड़ा निराशाजनक रहा। आउट होने के बाद वह काफी मायूस दिखे और चेहरा लटकाकर पवेलियन वापस लौटे। तिलक वर्मा ने 60 रनों की पारी खेली, जबकि ऋतुराज गायकवाड़ ने 114 गेंदों पर 101 रनों की पारी खेली। भारत ए ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 277 रन बनाए।

    कैसा रहा मैच में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन?

    मुकाबले में भारतीय पारी की शुरुआत करने आए वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर काफी असहज नजर आए। श्रीलंका-ए के गेंदबाजों ने उनके सामने कसी हुई लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की, जिसका तोड़ वह नहीं ढूंढ सके:

    • 14 रनों पर सिमटी पारी: वैभव ने अपनी इस संक्षिप्त पारी में 12 गेंदों का सामना किया और केवल 14 रन बनाकर आउट हो गए।
    • बड़ी पारी खेलने का मौका गंवाया: अपनी पारी के दौरान उन्होंने कुछ आक्रामक शॉट खेलने का प्रयास जरूर किया, लेकिन वे अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करने में पूरी तरह नाकाम रहे।
    • मायूसी के साथ लौटे: जूनियर स्तर पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले वैभव जब विकेट गंवाकर वापस जा रहे थे, तो उनके चेहरे पर असफलता का दर्द साफ देखा जा सकता था।

    कपिल देव ने दी नसीहत: “बहुत ज्यादा उम्मीद करना गलत होगा”

    वैभव सूर्यवंशी की इस नाकामी और उन पर लगातार बढ़ते मीडिया व फैंस के दबाव को लेकर भारत के पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की है। कपिल देव ने युवा खिलाड़ी का बचाव करते हुए मीडिया और प्रशंसकों को धैर्य रखने की सलाह दी है, “मेरे लिए वैभव एक स्पेशल टैलेंट है। एक युवा खिलाड़ी को इज्जत देने और उसकी प्रतिभा को सराहने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन इस शुरुआती स्टेज पर उससे बहुत ज्यादा उम्मीद करना बिल्कुल गलत होगा।”

    कपिल देव ने आगे कहा कि वह आने वाले समय में खेल पर कितना ध्यान केंद्रित रख पाते हैं, इसका जवाब वह खुद अपने प्रदर्शन से ही दे सकते हैं। अभी उन्हें भारतीय टीम के माहौल में रहने देना चाहिए, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की बारीकियों को अच्छी तरह समझ सकें।

    क्लब और इंटरनेशनल क्रिकेट में अंतर समझाया

    दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव ने युवा खिलाड़ियों के ट्रांजिशन (बदलाव के दौर) पर बात करते हुए क्लब क्रिकेट और देश के लिए खेलने के अंतर को भी रेखांकित किया:

    1. सोच का अंतर: कपिल देव के मुताबिक, क्लब क्रिकेट खेलना पूरी तरह से एक अलग बात होती है। लेकिन जब आप अपने देश के लिए (टीम इंडिया की जर्सी पहनकर) मैदान पर उतरते हैं, तो खेल को लेकर आपकी सोच और दबाव का स्तर पूरी तरह बदल जाता है।
    2. मीडिया से अपील: उन्होंने मीडिया से विशेष अपील करते हुए कहा कि इस युवा खिलाड़ी पर अभी से उम्मीदों का भारी बोझ न डाला जाए। उन्हें बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपने खेल को निखारने का पूरा समय मिलना चाहिए।

    भले ही इस मैच में वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इस विफलता से सीखकर यह युवा खिलाड़ी आगामी मैचों में दमदार वापसी करेगा।

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