नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणालियों में कथित धांधली को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) आज जमीन पर अपना पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। बोस्टन (अमेरिका) से भारत लौटे पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंच चुके हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
आंदोलन की मुख्य बातें और रणनीति
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पहुंचने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह “संविधान के हाथों में अपना भविष्य सौंपकर भारत आ रहे हैं।” उन्होंने आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे अपने साथ ‘किताब और तिरंगा’ लेकर आएं, जो शिक्षा के अधिकार और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के लिए एक अनोखी ‘Do’s and Don’ts’ (क्या करें और क्या न करें) की सूची जारी की है, जिसमें आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और “प्यार से आगे बढ़ाने” पर जोर दिया गया है:
- पुलिस के साथ सहयोग: दीपके ने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि वे पुलिस पर पत्थर या गुस्सा न निकालें, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक फूल भेंट करें और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए उनका धन्यवाद करें।
- दस्तावेजीकरण और अनुशासन: आंदोलन में शामिल होने वाले युवाओं से कहा गया है कि वे हर गतिविधि को जिम्मेदारी से रिकॉर्ड करें। अगर कोई उपद्रवी माहौल खराब करने की कोशिश करे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- तैयारी के साथ आएं: दिल्ली की भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को सनस्क्रीन लगाने, कैप पहनने और पानी की बोतल साथ रखने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पुलिस अलर्ट
इस बीच दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा को देखते हुए नई दिल्ली जिले को 12 जोन में बांटा गया है और जंतर-मंतर के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवासों के आसपास 1,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।
अभिजीत दीपके सुबह सीधे हवाई अड्डे से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे ताकि विरोध प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति ली जा सके। पुलिस ने ड्रोन, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के जरिए प्रदर्शन स्थल की निगरानी शुरू कर दी है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग सेंटर्स से जुड़े लोगों के शामिल होने की आशंका है।
आंदोलन को व्यापक समर्थन
महज कुछ हफ्ते पहले एक व्यंग्य (Satire) के रूप में शुरू हुए इस सोशल मीडिया ग्रुप के इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हो चुके हैं। इस छात्र आंदोलन को लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, समाजवादी पार्टी और शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे जैसी प्रमुख हस्तियों और राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है। सीजेपी के प्रवक्ताओं ने साफ किया है कि यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश के 1 करोड़ प्रभावित छात्रों के भविष्य की लड़ाई है।


