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    ​वर्षों की साधना सिद्धि में बदली, 3 राज्यों में जीत पर बोले PM मोदी

    4 मई 2026 को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा और एनडीए की बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पीएम मोदी का यह संबोधन मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में मिली ‘ऐतिहासिक’ जीत और असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की उपलब्धि पर के

    ​प्रधानमंत्री मोदी ने भावुक होते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में, जहाँ भाजपा का अस्तित्व कभी नगण्य माना जाता था, आज वहां पार्टी का प्रचंड बहुमत से सत्ता में आना “कार्यकर्ताओं की वर्षों की तपस्या और बलिदान” का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “बंगाल की मिट्टी ने आज यह सिद्ध कर दिया है कि लोकतंत्र में जनता से बड़ा कोई नहीं है। हमारे कार्यकर्ताओं ने जो वर्षों तक संघर्ष किया, आज वह साधना सिद्धि में बदल गई है।”

    नया मंत्र: “नागरिक देवो भव”

    ​शासन के मॉडल पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने एक नया मंत्र दिया— ‘नागरिक देवो भव’। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए नागरिक की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।

    • सेवा भाव: उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का संकल्प केवल आंकड़ों या तकनीक से नहीं, बल्कि संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित शासन से पूरा होगा।
    • भरोसा: उन्होंने केरल और तमिलनाडु के मतदाताओं का भी आभार व्यक्त किया, जहाँ भाजपा के वोट शेयर और सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    प्रमुख चुनावी राज्यों पर प्रतिक्रिया

    • पश्चिम बंगाल: प्रधानमंत्री ने इसे “नवनिर्माण का युग” बताया और बंगाल की जनता को ‘अन्याय और भ्रष्टाचार’ के खिलाफ खड़े होने के लिए बधाई दी।
    • असम: हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में मिली जीत को उन्होंने ‘स्थिरता और विकास’ की जीत बताया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर अब भारत के विकास का इंजन बन चुका है।
    • तमिलनाडु और केरल: पीएम ने कहा कि दक्षिण भारत में भाजपा का बढ़ता प्रभाव इस बात का प्रतीक है कि लोग अब तुष्टिकरण की राजनीति से ऊब चुके हैं और विकास की राजनीति को अपना रहे हैं।

    विपक्ष पर कटाक्ष

    ​अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने नकारात्मक राजनीति और गठबंधन के ‘स्वार्थ’ को नकार दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जीत के अहंकार में न आएं, बल्कि ‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ जनता के बीच जाएं।

    प्रधानमंत्री के इस भाषण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा 2026 के इन परिणामों को 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए एक मजबूत नींव के रूप में देख रही है। ‘नागरिक देवो भव’ का नारा अब भाजपा के आगामी चुनावी अभियानों और शासन का केंद्र बिंदु बनने वाला है।

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