आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसदों की भाजपा में शामिल होने पर राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। ढांडा ने इसे भाजपा के डर का प्रतीक बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
रोहतक में मीडिया से बातचीत करते हुए अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और अरविंद केजरीवाल की राजनीति से घबरा गई है। उन्होंने सांसदों के पाला बदलने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भाजपा का हमारे सांसदों को तोड़ना यह साबित करता है कि वे डरे हुए हैं। वे जानते हैं कि जनता के बीच उनका आधार खिसक रहा है, इसलिए वे अब जांच एजेंसियों और सत्ता का लालच देकर विपक्षी दलों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।”
सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद करने का आरोप
ढांडा ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सांसदों की बगावत के तुरंत बाद पार्टी के कई सोशल मीडिया अकाउंट्स और उससे जुड़ी पहुंच (reach) को नियंत्रित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ‘आप’ की आवाज दबाने के लिए तकनीकी बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।
उनका तर्क है कि सांसदों के दलबदल की खबरों को एकतरफा तरीके से प्रचारित किया जा रहा है, जबकि पार्टी का पक्ष रखने वाले हैंडल्स को ‘सस्पेंड’ या ‘शैडो बैन’ (Shadow Ban) किया जा रहा है।
दलबदल विरोधी कानून और भाजपा की रणनीति
अनुराग ढांडा ने दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने हमेशा से चुनी हुई सरकारों और जनप्रतिनिधियों को ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के जरिए अपने पाले में करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ये सांसद पंजाब की जनता के जनादेश का अपमान कर रहे हैं। ढांडा ने दावा किया कि भाजपा में शामिल होने वाले सांसद असल में ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) के दबाव में यह कदम उठा रहे हैं।
अनुराग ढांडा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राघव चड्ढा, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल जैसे बड़े चेहरों के भाजपा में पर हैं, जिससे राज्यसभा में भी समीकरण बदलने की संभावना है।


