आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के ऐतिहासिक घटनाक्रम पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा और तंजिया हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस वार्ता के माध्यम से बागियों पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना ‘मसालों’ से कर दी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने चिर-परिचित मजाकिया लेकिन तीखे अंदाज में सात सांसदों के पाला बदलने पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया—ये सात चीजें मिलकर किसी सब्जी को स्वादिष्ट तो बना सकती हैं, लेकिन ये खुद कभी ‘सब्जी’ नहीं बन सकतीं।”
मान का इशारा इस ओर था कि ये सात सांसद (राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, संदीप पाठक आदि) पार्टी के साथ रहकर उसकी शोभा बढ़ा रहे थे, लेकिन स्वतंत्र रूप से या भाजपा में जाकर उनका अपना कोई वजूद नहीं रहेगा। वे केवल ‘तड़के’ का काम कर सकते हैं, मुख्य आधार (सब्जी) नहीं।
“गद्दार” और “धोखेबाज” का टैग
मसालों वाले तंज के अलावा, मुख्यमंत्री मान ने इन सांसदों को पंजाब के लोगों के साथ विश्वासघात करने वाला बताया। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:
- पंजाब से नफरत: मान ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब की खुशहाली से नफरत करती है और इसीलिए उसने ‘आप’ को भीतर से कमजोर करने की कोशिश की है।
- बिना जनाधार के नेता: उन्होंने कहा कि ये सभी सांसद जनता के सीधे वोटों से चुनकर नहीं आए थे, बल्कि पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का मौका दिया था। अब वे उसी पार्टी की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं।
- 750 किसानों का अपमान: मान ने कहा कि ये लोग उस पार्टी (भाजपा) में जाकर शामिल हुए हैं जिसने पंजाब के किसानों को ‘आतंकवादी’ कहा और उनकी शहादत की जिम्मेदार है।
सियासी प्रभाव
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राघव चड्ढा के नेतृत्व में इन सांसदों ने राज्यसभा में अपनी सदस्यता बचाने के लिए दो-तिहाई बहुमत का दावा किया है। भगवंत मान का यह हमला साफ करता है कि आम आदमी पार्टी अब इन नेताओं के खिलाफ भावनात्मक और आक्रामक रणनीति अपनाएगी, विशेषकर पंजाब के ग्रामीण इलाकों और किसान समुदायों के बीच।
मान ने अंत में स्पष्ट किया कि “लोगों का प्यार मेरे साथ है” और कुछ लोगों के जाने से पंजाब में पार्टी की मजबूती पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।


