नवलगढ़ के पास नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में आज, 13 अप्रैल 2026 को वेतन वृद्धि और बकाया भुगतान की मांग को लेकर मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक आंदोलन में बदल गया। सेक्टर-63 और आसपास के क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों ने जमकर तोड़फोड़, आगजनी और पत्थरबाजी की, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगिक शांति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिंसा का तांडव और आगजनी
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर होते-होते उग्र हो गया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव किया और सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस की एक पीसीआर वैन को आग के हवाले कर दिया। सड़क किनारे खड़ी दर्जनों निजी कारों और कंपनियों की बसों के शीशे तोड़ दिए गए। कई फैक्ट्रियों के गेट पर पथराव कर संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया। प्रदर्शनकारियों ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा लिंक रोड पर घंटों चक्का जाम रखा, जिससे हजारों वाहन चालक गर्मी के बीच फंसे रहे।
क्या है विवाद की जड़?
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से न तो उनका वेतन बढ़ाया गया है और न ही बकाया ओवरटाइम का भुगतान किया जा रहा है। मजदूरों का दावा है कि महंगाई के अनुपात में उनकी मजदूरी नहीं बढ़ाई गई है, जबकि कंपनियां लगातार मुनाफा कमा रही हैं।
- श्रमिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रबंधन के साथ शांतिपूर्ण वार्ता की कोशिश की, लेकिन प्रशासन और कंपनियों के उदासीन रवैये ने उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
हिंसा की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहन मौके पर पहुँचे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में शामिल 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इलाके में तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
“लोक व्यवस्था को भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वेतन संबंधी विवादों को सुलझाने के लिए श्रम विभाग और कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है। औद्योगिक संगठनों ने इस हिंसा पर गहरी चिंता जताई है और नुकसान की भरपाई की मांग की है।


