भारत में क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने वाले 11 करोड़ से अधिक ग्राहकों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बैंकिंग अनुभव बदलने वाला है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही आरबीआई (RBI) और आयकर विभाग के निर्देशानुसार क्रेडिट कार्ड के नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इनका सीधा असर आपकी जेब और रिवॉर्ड पॉइंट्स पर पड़ेगा।
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले मुख्य बदलाव
हाई-स्पेंडिंग और टैक्स रिपोर्टिंग (LRS नियम)
अब यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड से एक वित्त वर्ष में 7 लाख रुपये से अधिक का खर्च करते हैं, तो बैंक इसकी जानकारी आयकर विभाग को देंगे। विशेष रूप से विदेश यात्रा या विदेशी वेबसाइटों पर किए गए खर्च पर LRS (Liberalised Remittance Scheme) के तहत कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक में कटौती
कई बड़े बैंकों (जैसे HDFC, ICICI और Axis) ने अपने रिवॉर्ड स्ट्रक्चर में बदलाव किया है:
- यूटिलिटी बिल और रेंट: बिजली, पानी के बिल और घर के किराए के भुगतान पर अब या तो रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं मिलेंगे या उनकी सीमा (Capping) तय कर दी गई है।
- सरकारी भुगतान: इनकम टैक्स या अन्य सरकारी फीस भरने पर मिलने वाले कैशबैक को भी बंद किया जा रहा है।
PAN-Aadhaar लिंकिंग और कार्ड ब्लॉकिंग
जिन ग्राहकों का पैन (PAN) कार्ड आधार से लिंक नहीं है, उनका क्रेडिट कार्ड 1 अप्रैल से ‘इनएक्टिव’ किया जा सकता है। बिना वैध पैन के विदेशी मुद्रा में लेनदेन (Foreign Transactions) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
| नियम | प्रभाव |
| एनुअल फीस माफी | अब रेंट पेमेंट और वॉलेट लोड को ‘एनुअल स्पेंड’ की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। |
| लाउंज एक्सेस | एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के लिए अब पिछली तिमाही में कम से कम 50,000 रुपये खर्च करने की शर्त अनिवार्य हो गई है। |
| फ्यूल सरचार्ज | ईंधन पर मिलने वाली छूट की मासिक सीमा को और कम कर दिया गया है। |
सुरक्षा और बिलिंग के नए निर्देश
- बिलिंग साइकिल: अब ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार महीने में एक बार अपनी बिलिंग तारीख (Billing Date) बदल सकेंगे। बैंक इसे मना नहीं कर सकते।
- कार्ड क्लोजर: यदि कोई कार्ड 30 दिनों तक एक्टिवेट नहीं किया जाता, तो बैंक को उसे खुद बंद करना होगा, बशर्ते ग्राहक उसे जारी रखने की सहमति न दे।
सावधानी और सुझाव
नए नियमों के बीच यह सलाह दी जाती है कि ग्राहक अपने बैंक से प्राप्त ‘Mitigation of Terms and Conditions’ (MITC) को ध्यान से पढ़ें। 1 अप्रैल से पहले अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स को रिडीम (Redeem) कर लेना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है, क्योंकि कई श्रेणियों में पॉइंट्स की वैल्यू घट सकती है।


