भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा कि नेहरू-गांधी परिवार देश में ‘गद्दारी, मक्कारी और देशद्रोह’ जैसे खिताबों का असली हकदार है। बीजेपी सांसद के इस बयान के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर तीखी बहस और घमासान शुरू हो गया है।
निशिकांत दुबे के आरोपों के मुख्य बिंदु
- इतिहास और नीतियों पर निशाना: निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि देश के विभाजन से लेकर कश्मीर समस्या और चीन के साथ हुए युद्ध तक, इतिहास की कई बड़ी ऐतिहासिक गलतियों के लिए नेहरू-गांधी परिवार की नीतियां ही जिम्मेदार रही हैं।
- देशहित से समझौते का दावा: उन्होंने दावा किया कि इस परिवार ने हमेशा देशहित के ऊपर अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों को तरजीह दी है। उनके अनुसार, जिस तरह से आपातकाल (Emergency) लगाया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया, वह देश की जनता के साथ सीधे तौर पर धोखा था।
- भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण का आरोप: बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि दशकों तक देश पर राज करने वाले इस परिवार ने केवल भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया, जिससे देश आंतरिक रूप से कमजोर हुआ। इसी वजह से वे इन कड़े शब्दों और खिताबों के हकदार हैं।
कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया और पलटवार
लोकतंत्र और मर्यादा का हनन: निशिकांत दुबे के इस विवादित बयान पर कांग्रेस पार्टी ने बेहद कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि बीजेपी नेताओं के पास देश के विकास और मौजूदा मुद्दों पर बोलने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे लगातार इतिहास को तोड़-मड़ोड़कर पेश करते हैं और स्वतंत्रता सेनानियों व देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
संसद के भीतर और बाहर अपने आक्रामक बयानों के लिए जाने जाने वाले निशिकांत दुबे का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर तेजी से वायरल हो रहा है। जहां एक तरफ बीजेपी समर्थक इस बयान को ऐतिहासिक संदर्भों में सही ठहरा रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे विपक्ष की आवाज को दबाने और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर संसद से लेकर सड़क तक हंगामा बढ़ने के पूरे आसार हैं।


