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    West Asia War: हार्मुज के पास बढ़ी अस्थिरता, 17 से अधिक जहाजों को बनाया निशाना,

    पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों पर बढ़ता तनाव अब एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों के भीतर 17 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। यह स्थिति क्षेत्र में चल रहे सैन्य संघर्ष (ईरान-इस्राइल युद्ध) और विशेष रूप से हार्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बढ़ती अस्थिरता के कारण उत्पन्न हुई है। ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश इस मार्ग को सुरक्षित करने के प्रयास कर रहे हैं, वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर सकता है।


    प्रमुख घटनाक्रम और हमले

    • हमलों का केंद्र: अधिकांश हमले फारस की खाड़ी, हार्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में हुए हैं।
    • निशाने पर आए जहाज: 1 मार्च से शुरू हुए इन हमलों में टैंकर, कंटेनर शिप और बल्क कैरियर शामिल हैं। हाल ही में थाईलैंड के जहाज Mayuree Naree और भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकरों पर भी हमले हुए हैं।
    • खतरे का स्तर: ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (UKMTO) ने इस समुद्री मार्ग के लिए खतरे के स्तर को “क्रिटिकल” (अत्यंत गंभीर) घोषित किया है।

    व्यापार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

    • तेल की आपूर्ति में बाधा: हार्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ है। यहाँ से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20% गुजरता है। ट्रैफिक में भारी गिरावट के कारण वैश्विक तेल कीमतों में उछाल की आशंका है।
    • जीपीएस जैमिंग (GPS Jamming): सुरक्षा के लिए इस्तेमाल की जा रही जैमिंग तकनीकों से नागरिक जहाजों के नेविगेशन सिस्टम बाधित हो रहे हैं, जिससे समुद्री दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
    • भारतीय निर्यात पर असर: कालीन और अन्य हस्तशिल्प जैसे सामानों का करोड़ों का निर्यात समुद्री रास्तों में फंस गया है, जिससे भारतीय व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।

    वर्तमान स्थिति

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