हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम विभाग ने राज्य में भारी तबाही की आशंका जताई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए 20 और 21 जुलाई को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 19 जुलाई से शुरू हुआ बारिश का यह दौर आगामी 24 जुलाई तक लगातार जारी रहने की संभावना है।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की बड़ी चेतावनी मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में होने वाली मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड (Flash Flood) का खतरा बेहद बढ़ गया है। इसके अलावा, निचले और मैदानी इलाकों में भारी जलभराव (Waterlogging) के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
प्रशासन मुस्तैद, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सलाह मौसम के इस रौद्र रूप को देखते हुए प्रदेश सरकार और राज्य आपदा प्रबंधन सेल (Disaster Management Cell) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है:
- अनावश्यक यात्रा से बचें: लोगों को सलाह दी गई है कि वे अत्यधिक संवेदनशील पहाड़ी रास्तों और नदी-नालों के नजदीक जाने से पूरी तरह परहेज करें।
- यात्रा से पहले लें जानकारी: यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो निकलने से पहले संबंधित मार्गों की स्थिति और मौसम की ताजा रिपोर्ट अवश्य जान लें।
- प्रशासनिक गाइडलाइंस का पालन: किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
मौसम विभाग का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से दृश्यता (Visibility) में कमी आ सकती है और राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई संपर्क मार्ग बंद हो सकते हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैनात कर दिया है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।


