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    क्या हर मर्ज की दवा हैं वॉशिंगटन सुंदर, मांजरेकर का गौतम गंभीर की कोचिंग पर निशाना

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीतियों पर तीखा कटाक्ष किया है। टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद, मांजरेकर ने प्लेइंग-11 में वॉशिंगटन सुंदर को लगातार शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

    “हर मर्ज की दवा वॉशिंगटन सुंदर”

    अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मांजरेकर ने एक खेल चर्चा के दौरान कहा कि ऐसा लगता है जैसे गंभीर के लिए वॉशिंगटन सुंदर ‘हर मर्ज की एक दवा’ (Go-to fix) बन गए हैं।

    • अक्षर पटेल को बाहर करने पर सवाल: मांजरेकर इस बात से हैरान थे कि उप-कप्तान और शानदार फॉर्म में चल रहे अक्षर पटेल को बाहर बैठाकर सुंदर को क्यों प्राथमिकता दी गई।
    • रणनीतिक चूक: उन्होंने कहा कि सुंदर न तो मध्यक्रम में वह मजबूती दे पा रहे हैं और न ही गेंदबाजी में वह पैनापन दिखा रहे हैं जिसकी जरूरत दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ थी। सुंदर ने पिछले मैच में 11 रन बनाए और गेंद से भी कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके।

    गौतम गंभीर की कोचिंग शैली पर निशाना

    मांजरेकर ने तंज कसते हुए कहा कि गंभीर की कोचिंग में कुछ ‘पसंदीदा खिलाड़ियों’ को जरूरत से ज्यादा मौके मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब आपके पास कुलदीप यादव या अक्षर पटेल जैसे मैच विनर बाहर बैठे हों, तो सुंदर को बार-बार आजमाना समझ से परे है।”


    जिम्बाब्वे मैच से पहले दबाव

    26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले निर्णायक मैच से पहले मांजरेकर का यह बयान टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ा सकता है। प्रशंसक और विशेषज्ञ भी सोशल मीडिया पर टीम इंडिया की लगातार बदलती प्लेइंग-11 और बल्लेबाजी क्रम में प्रयोगों की आलोचना कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को सेमीफाइनल की रेस में बने रहना है, तो उसे ‘प्रयोगों’ को छोड़ अपनी सबसे मजबूत एकादश के साथ मैदान पर उतरना होगा।

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